पांचवें दिन मिला भागीरथी साहू का शव, चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच फंसा था शव

महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में 30 अगस्त को जोंक नदी के पुराने पुल पर हुए सड़क हादसे के बाद लापता भागीरथी साहू का शव पांचवें दिन बरामद कर लिया गया। NDRF, SDRF, स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की लगातार तलाश के बाद शव पड़ोसी बलौदाबाजार जिले के चांदन-सुखरी नदी क्षेत्र में झाड़ियों के बीच फंसा मिला। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। घटना से परिवार और समाज में शोक की लहर है।

Sep 3, 2026 - 18:01
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पांचवें दिन मिला भागीरथी साहू का शव, चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच फंसा था शव

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास,महासमुंद l जिले के पिथौरा के समीप सांकरा थाना क्षेत्र में जोंक नदी के पुराने पुल पर 30 अगस्त को हुए सड़क हादसे के बाद लापता भागीरथी साहू का शव पांचवें दिन बरामद कर लिया गया है। NDRF, SDRF, स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के बाद भागीरथी साहू का शव पड़ोसी बलौदाबाजार जिले के चांदन-सुखरी नदी क्षेत्र में झाड़ियों के बीच फंसा मिला। शव मिलने के साथ ही पांच दिनों से जारी तलाश अभियान का दुखद अंत हो गया।

जानकारी के अनुसार, 30 अगस्त को जोंक नदी के पुराने पुल पर एक कार और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर हुई थी। टक्कर के बाद दोनों वाहन अनियंत्रित होकर पुल के नीचे नदी में जा गिरे थे। हादसे में बसना दुधिपाली निवासी शिक्षक राजकुमार निषाद की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं मोटरसाइकिल सवार भागीरथी साहू नदी के तेज बहाव में बह गए थे और इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। घटना में कुल सात लोग प्रभावित हुए थे।

भागीरथी साहू की तलाश के लिए हादसे के बाद से ही प्रशासन और पुलिस की निगरानी में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा था। SDRF, NDRF, स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की टीमें नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन कर रही थीं। भिलाई और ओडिशा से पहुंची NDRF की टीमों ने भी नदी के कई किलोमीटर क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया। तेज बहाव और नदी किनारे मौजूद झाड़ियों के कारण अभियान में टीमों को काफी चुनौती का सामना करना पड़ा।

तलाश अभियान के दौरान एक दिन पहले भागीरथी साहू की बाइक भी बरामद की गई थी। बाइक मिलने के बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उनका भी पता लगाया जा सकेगा। इसके बाद टीमों ने आसपास के नदी क्षेत्र और झाड़ियों में खोजबीन तेज कर दी। लगातार प्रयास के बाद पांचवें दिन चांदन-सुखरी नदी में झाड़ियों के बीच भागीरथी साहू का शव दिखाई दिया।

शव मिलने की सूचना के बाद NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। आगे की प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की जाएगी। हादसे और मौत से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच भी पुलिस द्वारा की जा रही है।

पांच दिनों से भागीरथी साहू के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों को शव मिलने की सूचना से गहरा सदमा लगा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार और समाज में शोक की लहर है। लगातार चले सर्च ऑपरेशन में NDRF, SDRF, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। हालांकि तलाश अभियान का उद्देश्य भागीरथी को सुरक्षित ढूंढना था, लेकिन पांचवें दिन उनका शव मिलने से परिवार के लिए यह अभियान बेहद दुखद परिणाम के साथ समाप्त हुआ। हादसे के बाद नदी क्षेत्र में सुरक्षा और ऐसे स्थानों पर आवागमन को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।