उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया मिलेट्स स्टॉल का अवलोकन, भारत की मिलेट्स क्वीन लहरी बाई बैगा का किया सम्मान

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कृषि विभाग के मिलेट्स थीम आधारित स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने भारत की मिलेट्स क्वीन लहरी बाई बैगा को उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मिलेट्स मिशन किसानों को सशक्त बनाकर राज्य के पोषण और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देगा।

Nov 6, 2025 - 18:42
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया मिलेट्स स्टॉल का अवलोकन, भारत की मिलेट्स क्वीन लहरी बाई बैगा का किया सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित कृषि विभाग के मिलेट्स थीम आधारित स्टॉल ने इस वर्ष का विशेष आकर्षण प्रस्तुत किया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्टॉल पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मोटे अनाजों के संरक्षण व प्रोत्साहन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

स्टॉल में पारंपरिक मोटे अनाज जैसे कोदो, कुटकी, रागी, कंगनी, हरी कंगनी आदि से बने प्रसंस्कृत उत्पाद, पोहा और अन्य खाद्य पदार्थ प्रदर्शित किए गए। इनका प्रदर्शन कृषक कल्याण समिति, धवईपानी द्वारा किया गया था। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार मिलेट्स मिशन के माध्यम से परंपरागत फसलों को पुनर्जीवित कर किसानों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

इस अवसर पर भारत की मिलेट्स क्वीन लहरी बाई बैगा विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। मूल रूप से मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के ग्राम सीलपीडी की निवासी लहरी बाई बैगा पिछले कई वर्षों से 150 से अधिक प्रजातियों के मोटे अनाजों का संरक्षण कर रही हैं। वे अपने नेतृत्व में ‘मिलेट बैंक’ का संचालन करती हैं और देशभर में मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा देने का कार्य कर रही हैं।

उनके योगदान से प्रभावित होकर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उन्हें दो साड़ियाँ और 1100 रुपए की सम्मान राशि भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि लहरी बाई जैसी महिलाएँ न केवल कृषि परंपरा की संवाहक हैं बल्कि प्रदेश और देश के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कृषि विभाग का लक्ष्य "मोटे अनाज से सशक्त किसान, स्वस्थ समाज" की अवधारणा को साकार करना है। स्टॉल में मिलेट्स की खेती, प्रसंस्करण, विपणन और आधुनिक उपकरणों का भी प्रदर्शन किया गया, जिससे आगंतुकों को मोटे अनाजों की विविधता और पोषण मूल्य की जानकारी मिली।

राज्योत्सव में लगाए गए इस स्टॉल ने स्थानीय किसानों, महिलाओं और युवाओं में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया तथा छत्तीसगढ़ को मिलेट्स उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया।