दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए 4 हेक्टेयर जमीन मंजूर, तितुरडीह में BIT कॉलेज के पास बनेगा नया परिसर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए ग्राम तितुरडीह में 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। BIT कॉलेज के समीप मिलने वाली जमीन पर आधुनिक न्यायालय परिसर विकसित होने से जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

Sep 9, 2026 - 16:19
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दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए 4 हेक्टेयर जमीन मंजूर, तितुरडीह में BIT कॉलेज के पास बनेगा नया परिसर

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन के लिए 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह भूमि ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप उपलब्ध कराई जाएगी। कैबिनेट के इस फैसले के बाद दुर्ग जिले में आधुनिक और सुव्यवस्थित न्यायालय परिसर के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

सरकार के निर्णय के अनुसार तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास प्रस्तावित भूमि पर दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान समय में न्यायिक सेवाओं के विस्तार और बेहतर अधोसंरचना की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए परिसर के विकसित होने से न्यायालय से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं को एक बेहतर और व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा। इससे न्यायिक कार्यों के संचालन में सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।

कैबिनेट बैठक में लिए गए इस फैसले का सीधा संबंध दुर्ग जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने से है। 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध होने के बाद जिला न्यायालय के लिए आवश्यक भवन और अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाया जा सकेगा। आधुनिक न्यायालय परिसर में न्यायिक कार्यों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और न्यायिक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना है।

ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप जमीन मिलने से नए न्यायालय भवन के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा। यह क्षेत्र दुर्ग शहर और आसपास के इलाकों से जुड़ा होने के कारण न्यायालय तक पहुंच को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि नए भवन की विस्तृत निर्माण योजना, लागत और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी आगामी प्रक्रिया में सामने आएगी। फिलहाल कैबिनेट की मंजूरी को परियोजना की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण से जिले की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। न्यायिक संस्थानों के लिए बेहतर भवन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध होना न्यायिक सेवाओं की कार्यक्षमता के लिए महत्वपूर्ण होता है। नए भवन के निर्माण से भविष्य में बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायालयीन व्यवस्थाओं को संचालित करने में भी मदद मिल सकती है।

कैबिनेट के फैसले के बाद अब संबंधित विभागों की ओर से भूमि से जुड़े औपचारिक कार्यों और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद भवन की डिजाइन, निर्माण की रूपरेखा और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम होने की संभावना है। सरकार की ओर से इस परियोजना को दुर्ग की न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए जमीन आवंटन का निर्णय जिले के लिए अहम विकास कार्यों में शामिल हो गया है। तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि मिलने से आधुनिक न्यायालय परिसर विकसित करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास और निर्माण कार्यों के चलते प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना भी है।

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन के लिए 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय जिले की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब आगामी प्रशासनिक और निर्माण प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद तितुरडीह में आधुनिक जिला न्यायालय परिसर के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।