रायपुर में हाउसिंग बोर्ड की दुकानों से अवैध कब्ज़ा हटाया गया, कबीर नगर में हुई सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, रायपुर ने कबीर नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड की दुकानों से अवैध कब्ज़ा हटाने की कार्रवाई की। वर्ष 2008 से कब्जाधारी दुकानों पर अनधिकृत रूप से बैठे थे। पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मंडल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संपत्ति पर अवैध कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Nov 7, 2025 - 20:10
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रायपुर में हाउसिंग बोर्ड की दुकानों से अवैध कब्ज़ा हटाया गया, कबीर नगर में हुई सख्त कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, रायपुर द्वारा आज कबीर नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड की दुकानों से अवैध कब्ज़ा हटाने की महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। मंडल की यह कार्रवाई संपदा शाखा और संभागीय टीम के संयुक्त प्रयास से पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत ढंग से संपन्न हुई।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2008 से टाटीबंध क्षेत्र स्थित हाउसिंग बोर्ड की दुकानों पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अनधिकृत रूप से कब्ज़ा कर रखा गया था। इनमें दुकान क्रमांक 01 पर  कुसुम शर्मा, दुकान क्रमांक 02 पर  विजय बोथरा तथा दुकान क्रमांक 08 पर श्री जगदंबा पाल कब्जाधारी के रूप में चिन्हित किए गए थे।

इन दुकानों को प्रारंभ में किराया अनुबंध के तहत आवंटित किया गया था, किंतु लंबे समय से किराया नहीं चुकाया गया और बोर्ड द्वारा जारी कई नोटिसों की अनदेखी की गई। यहां तक कि बोर्ड ने कब्जाधारियों को दुकानों को वैधानिक रूप से खरीदने का अवसर भी प्रदान किया, परंतु उन्होंने कोई रुचि नहीं दिखाई। स्थिति को देखते हुए गृह निर्माण मंडल ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत अवैध कब्ज़ा हटाने का निर्णय लिया।

 

कार्रवाई के दौरान संपदा अधिकारी राजेश नायर, लेखापाल कृष्णा सिंगौर, सहायक अभियंता  रुपेश साहू एवं  शकुनतला, संपदा प्रबंधक श्रीमती संगीता तिवारी, उप अभियंता शाहरुख अली, राजकुमार परस्ते और सहायक श्री प्रवीण गुप्ता उपस्थित रहे। टीम ने पुलिस बल की सहायता से दुकानों को खाली कराया और सभी दुकानों को पुनः बोर्ड के अधिकार में लेकर विक्रय हेतु सुरक्षित किया गया।

गृह निर्माण मंडल ने स्पष्ट किया है कि उसकी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्ज़ा सहन नहीं किया जाएगा। मंडल ने सभी किरायेदारों और आवंटनधारियों से अपने अनुबंध एवं किराया भुगतान का पालन करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर संपत्तियाँ खाली कराई जाएँगी।

इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और पारदर्शिता का उदाहरण माना जा रहा है, जिससे भविष्य में अन्य अवैध कब्जाधारियों के लिए भी स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी संपत्ति पर कब्ज़ा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।