MCB में ड्रग सिंडिकेट पर पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में, कार्रवाई कब?
मनेंद्रगढ़ में कथित ड्रग सिंडिकेट को लेकर पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि खुलासों के बावजूद अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र शुक्ला । छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में कथित ड्रग सिंडिकेट को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। घुतरा-सलवा क्षेत्र में एक कथित “बाप-बेटे” की जोड़ी द्वारा नशे के कारोबार और ड्रग्स की पैकेजिंग यूनिट चलाए जाने की खबरें सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना लोगों के बीच नाराजगी और संदेह पैदा कर रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस की चुप्पी समझ से परे है। लोगों का सवाल है कि क्या पुलिस को पहले से इस सिंडिकेट की जानकारी नहीं थी, या फिर जानबूझकर इसे नजरअंदाज किया गया। इस तरह के आरोपों ने पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैंमहेंद्रशुक्ला
ग्रामीणों के मुताबिक, खुलेआम मोटरसाइकिल के जरिए मादक पदार्थों की सप्लाई की जा रही है और घरों के अंदर पैकेजिंग का काम चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस का इंटेलिजेंस सिस्टम सक्रिय नजर नहीं आ रहा। जब मीडिया के माध्यम से इस नेटवर्क का खुलासा हो चुका है, तो कार्रवाई में देरी विभागीय सुस्ती या किसी बड़े संरक्षण की ओर इशारा करती है।
यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि थाना स्तर पर तस्करों को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण मिल रहा है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। खबर सामने आने के बाद भी इलाके में तस्कर बेखौफ घूम रहे हैं, जिससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि क्या पुलिस की गश्त और जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्कूल और कॉलेजों के आसपास कथित तौर पर नशे की सप्लाई हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि युवाओं को आसानी से नशे की चपेट में लाया जा रहा है, जिससे पूरे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो इस सिंडिकेट को इतना मजबूत होने का मौका नहीं मिलता। अब जब मामला सार्वजनिक हो चुका है, तो कार्रवाई में देरी और भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
पूरा मामला अब जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के संज्ञान में है और लोग उनकी ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन इस कथित नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
फिलहाल, क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और लोग इस इंतजार में हैं कि कब प्रशासन इस पूरे मामले में ठोस कदम उठाकर नशे के इस जाल को खत्म करेगा।