उर्वरक नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई, साहू कृषि केन्द्र का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित
बेमेतरा जिले के ग्राम जेवरी स्थित साहू कृषि केन्द्र पर उर्वरक नियमों के उल्लंघन के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रतिष्ठान का उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, तस्करी, डायवर्सन तथा अमानक एवं नकली उर्वरकों की बिक्री पर नियंत्रण के उद्देश्य से कृषि विभाग लगातार निगरानी और निरीक्षण अभियान चला रहा है। इसी क्रम में जिले के ग्राम जेवरी स्थित मेसर्स साहू कृषि केन्द्र के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है।
संचालनालय कृषि छत्तीसगढ़, रायपुर के निर्देशानुसार गठित जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा 6 जून 2026 को विकासखंड बेमेतरा अंतर्गत ग्राम जेवरी में संचालित मेसर्स साहू कृषि केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों को कई प्रकार की अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
कृषि विभाग के अनुसार प्रतिष्ठान संचालक द्वारा प्रस्तुत जवाब का परीक्षण किया गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक संचालक कृषि डॉ. श्याम लाल ने संबंधित प्रतिष्ठान के उर्वरक प्राधिकार पत्र को निलंबित करने की अनुशंसा की।
अनुशंसा के आधार पर प्राधिकृत अधिकारी एवं उप संचालक कृषि मोरध्वज डड़सेना ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खंड 31(क) के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए मेसर्स साहू कृषि केन्द्र, ग्राम जेवरी, विकासखंड बेमेतरा के उर्वरक प्राधिकार पत्र को 15 दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान उर्वरकों के भंडारण, विक्रय अथवा इससे जुड़ी किसी भी व्यावसायिक गतिविधि का संचालन नहीं कर सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलेभर में निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि उर्वरक नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
किसानों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।