नारायणपुर में वन शहीद दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया पौधारोपण

नारायणपुर के कोटुमहर बायोडायवर्सिटी पार्क में वन शहीद दिवस का आयोजन किया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने वनों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए शहादत देने वाले वनकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया और मंत्री ने मैदानी वनकर्मियों से मुलाकात कर उनके कार्य और समर्पण की सराहना की।

Sep 12, 2026 - 08:42
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नारायणपुर में वन शहीद दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया पौधारोपण

UNITED NEWS OF ASIA. नारायणपुर में 11 सितंबर 2026 को कोटुमहर बायोडायवर्सिटी पार्क परिसर में वन शहीद दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर वनों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर वन शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी शहीद वनकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

वन शहीद दिवस के अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शहादत देने वाले वनकर्मियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले वनकर्मी प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी आगे बढ़ाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत कोटुमहर बायोडायवर्सिटी पार्क परिसर में पौधारोपण किया गया। इस पहल के माध्यम से वन शहीदों की स्मृति को जीवंत रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। पौधारोपण कार्यक्रम में शहीद वनकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए हरित क्षेत्र के विस्तार और प्रकृति संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।

वन मंत्री ने कहा कि पर्यावरण और जंगलों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर लोगों को वन संरक्षण से जोड़कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री केदार कश्यप ने वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों से सीधी मुलाकात की। उन्होंने जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले वनकर्मियों के समर्पण और साहस की सराहना की। मंत्री ने कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर वन संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है।

नारायणपुर जैसे वन क्षेत्र वाले जिले में वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की विशेष भूमिका है। वनकर्मियों की सक्रियता से जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन से जुड़े कार्यों को मजबूती मिलती है। वन शहीद दिवस जैसे आयोजन नई पीढ़ी को भी वनकर्मियों के योगदान और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं।

वन शहीद दिवस कार्यक्रम में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से वन शहीदों के बलिदान को सम्मान देने के साथ वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत किया गया पौधारोपण शहीद वनकर्मियों की स्मृति और प्रकृति संरक्षण को जोड़ने वाली पहल के रूप में सामने आया।