कार्यक्रम के दौरान ग्राम बांधा के 29, झंडी के 18 और केसदा के 11 हितग्राहियों को उनके मकान और भूमि के स्वामित्व के अधिकार पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर गोपाल वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य लोकचंद साहू, नितेश अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर आर.बी. देवांगन, तहसीलदार हुलेश्वर पटेल और ग्राम सरपंच गिरजा रामदयाल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके मकान और भूमि का कानूनी अधिकार देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनके घरों का मालिकाना हक और प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीणों को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे। अब ग्रामीण अपने घर और भूमि के दस्तावेज के आधार पर बैंकों से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इसके साथ ही संपत्ति के स्पष्ट अधिकार मिलने से जमीन से जुड़े विवादों के समाधान में भी आसानी होगी।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में स्वामित्व योजना के अंतर्गत कुल 28 हजार पट्टों का वितरण किया जाना है। इसमें से पहले चरण में लगभग 8100 पट्टों का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में दूसरे चरण के तहत लगभग 3 हजार पट्टों का वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में बोड़ला विकासखंड में 820, सहसपुर लोहारा में 337, पिपरिया में 287, कवर्धा में 643 तथा रेंगाखारकला में 125 पट्टे तैयार किए गए हैं, जिनका वितरण किया जा रहा है। साथ ही प्रक्रियाधीन प्रकरणों को भी जल्द पूरा कर पात्र हितग्राहियों को पट्टे वितरित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव में आने का उद्देश्य यहां के विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत के माध्यम से गांव की आवश्यकताओं और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेकर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही आसपास के पिछड़े गांवों का भी विश्लेषण कर वहां विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जाएगी।