सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में राज कुमार कश्यप (विभाग कार्यवाह) तथा वंशधारी पूरी (विभाग सह सामाजिक सद्भाव प्रमुख) उपस्थित रहे। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र के निर्माण की सबसे मजबूत नींव होती है। यदि युवा संगठित होकर अनुशासन, सेवा भाव और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें, तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक दायित्वों को समझते हुए राष्ट्रहित में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें बौद्धिक सत्र, सामूहिक चर्चा, प्रेरक उद्बोधन तथा राष्ट्र और समाज सेवा से जुड़े विषयों पर संवाद शामिल रहे। इन सत्रों में युवाओं ने न केवल उत्साह के साथ भाग लिया, बल्कि अपने विचार भी साझा किए। संवाद सत्रों के माध्यम से युवाओं को सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, सेवा कार्य और सांस्कृतिक चेतना जैसे विषयों पर सोचने और कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिव शंकर तिवारी एवं गोवर्धन तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए विभिन्न सत्रों के बीच समन्वय बनाए रखा और युवाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित किया।
सम्मेलन के समापन अवसर पर मूलविजय तंवर के नेतृत्व में उपस्थित सभी युवाओं एवं प्रतिभागियों ने समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस दौरान युवाओं ने सेवा, सद्भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन में अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस आयोजन को सफल बनाने में हिमांशु सोनी, अमर गुप्ता, आदित्य सोनी, महिमा द्विवेदी, उत्तम चंद्राकर, किशन सिंह ठाकुर, निमिष गुप्ता, आंचल राय, निकित राय, बलदेव बैगा, कमलेश यादव, अजय तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शुभम् पाठक सहित अनेक स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के युवा सम्मेलनों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करना और समाज के लिए उपयोगी कार्यों से जोड़ना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। सम्मेलन के माध्यम से मरवाही क्षेत्र के युवाओं में संगठन, सेवा और सामाजिक सहभागिता के प्रति नई ऊर्जा देखने को मिली।