समज राम साहू को मिली मोटराइज्ड ट्रायसायकल, बैटरी चलित सुविधा से बदली दिव्यांग जीवन की तस्वीर

कवर्धा जिले के बोडला विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिमांगोदी निवासी समज राम साहू को समाज कल्याण विभाग द्वारा बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई। इस सहायता से अब वे आवागमन, इलाज और दैनिक कार्य स्वयं कर पा रहे हैं, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का नया संचार हुआ है।

Feb 28, 2026 - 11:31
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समज राम साहू को मिली मोटराइज्ड ट्रायसायकल, बैटरी चलित सुविधा से बदली दिव्यांग जीवन की तस्वीर

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ाना भी है। इसी सोच के तहत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन को सरल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस क्रम में कबीरधाम जिले के बोडला विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिमांगोदी निवासी समज राम साहू को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई है। वे लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण आवागमन की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। गांव से शहर आने-जाने, अस्पताल पहुंचने और दैनिक आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें परिवारजनों अथवा अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था।

इस निर्भरता के कारण न केवल उनका समय और ऊर्जा व्यर्थ होती थी, बल्कि सामाजिक जीवन और आत्मविश्वास पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता था। कई बार आवश्यक कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते थे, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता था।

समाज कल्याण विभाग की पहल से उन्हें बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल उपलब्ध कराई गई। यह ट्रायसायकल उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि स्वतंत्र जीवन की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम साबित हुई है। अब वे स्वयं बाजार जा सकते हैं, अस्पताल पहुंच सकते हैं और शासकीय कार्यालयों में अपने आवश्यक कार्य बिना किसी पर निर्भर हुए पूरे कर पा रहे हैं।

ट्रायसायकल मिलने के बाद उनके जीवन में स्पष्ट और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी, वहीं अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने कार्य स्वयं कर रहे हैं। गांव से शहर तक उनकी आवाजाही आसान हो गई है और वे सामाजिक गतिविधियों में भी पहले से अधिक सक्रिय भूमिका निभा पा रहे हैं।

साहू ने इस सहायता के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर आत्मविश्वास महसूस हो रहा है और वे अपने काम स्वयं करने में सक्षम हो गए हैं।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, समाज कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जिले में पात्र दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही उनकी आवश्यकता के अनुसार ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांग नागरिक केवल सहायता पर निर्भर न रहें, बल्कि अपनी क्षमता के अनुरूप आत्मनिर्भर बनें और सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। समज राम साहू को मिली मोटराइज्ड ट्रायसायकल इसी दिशा में किया गया एक सार्थक प्रयास है, जिसने उनके जीवन को सरल, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।