महंगाई के विरोध में बहुजन मुक्ति पार्टी का अनोखा प्रदर्शन, वाहनों को धक्का देकर जताया विरोध
बालाघाट में बहुजन मुक्ति पार्टी ने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और महंगाई के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने वाहनों को धक्का देकर प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज कराया और 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आक्रोश रैली और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज l मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में बहुजन मुक्ति पार्टी ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और रसोई गैस के दामों में वृद्धि के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। रविवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार के सामने आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़क से गुजर रहे वाहनों को प्रतीकात्मक रूप से धक्का देकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस प्रदर्शन को “दे धक्का आंदोलन” का नाम दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन लागत और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को भी घरेलू बजट के लिए बड़ी चुनौती बताया।
धरना-प्रदर्शन के बाद बहुजन मुक्ति पार्टी के पदाधिकारियों ने प्रशासन को 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी, घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दाम घटाने, गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर हटाकर पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा अतिरिक्त बिजली बिलों की कथित वसूली की राशि वापस करने जैसी मांगें शामिल थीं। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई गई।
पार्टी नेताओं ने बताया कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। आंदोलन के पहले चरण में 12 मई को अंबेडकर चौक पर लालटेन जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। दूसरे चरण में 20 मई को कलेक्ट्रेट के सामने चूल्हा जलाकर चाय और रोटी बनाते हुए गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। तीसरे चरण में 31 मई को वाहनों को धक्का देकर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का विरोध दर्ज कराया गया।
बहुजन मुक्ति पार्टी के लोकसभा प्रभारी सदाशिव हरिनखेड़े और राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला प्रकोष्ठ की संभागीय प्रभारी नर्मदा नागवंशी ने कहा कि महंगाई के कारण आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि ईंधन की बढ़ती कीमतों से किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जनहित में त्वरित कदम उठाने की मांग की।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके तहत आक्रोश रैली, जनजागरण अभियान और जेल भरो आंदोलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना है कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष इंजी. हीरालाल भगत, सुशील कुशराम, केवल सिंह उइके, रामदास ठवकर, विकास खांडेकर, विमल कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई।