गढ़वा पुलिस को बड़ी सफलता, एनडीपीएस एक्ट की फरार महिला आरोपिया गिरफ्तार
सिंगरौली जिले की गढ़वा पुलिस ने नशा विरोधी अभियान के तहत एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रही महिला आरोपिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से कोडीन फास्फेट युक्त 19 बोतल कफ सिरप बरामद की है। आरोपिया को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी l सिंगरौली जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गढ़वा पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रही महिला आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले भर में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना गढ़वा पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 63/2026 के तहत दर्ज प्रकरण की विवेचना की जा रही थी। मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 से संबंधित है, जिसमें एक महिला आरोपिया लंबे समय से फरार चल रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि फरार महिला आरोपिया उर्मिला उर्फ रसियन गुप्ता, निवासी भरहरी जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश), क्षेत्र में मौजूद है। मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश दी और महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपिया के कब्जे से 19 नग कोडीन फास्फेट युक्त एस्कोडिल कफ सिरप बरामद किया गया है। बरामद कफ सिरप की अनुमानित कीमत लगभग 3,230 रुपये बताई गई है। कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध रूप से नशे के लिए उपयोग किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, जिसके चलते पुलिस ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रख रही है।
गढ़वा पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस द्वारा लगातार मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो मादक पदार्थों की अवैध बिक्री या तस्करी में संलिप्त हैं। अधिकारियों का मानना है कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में मदद मिलेगी।
गिरफ्तार महिला को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल पचौर भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा मादक पदार्थों की आपूर्ति कहां से की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी प्रकार की अवैध नशे की गतिविधि संचालित हो रही हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही नशा मुक्त वातावरण का निर्माण संभव है।
इस कार्रवाई को जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है और पुलिस ने भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखने का भरोसा दिलाया है।