सोनम वांगचुक की सेहत पर हाईकोर्ट सख्त, नियमित मेडिकल जांच के दिए निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताते हुए सरकारी डॉक्टरों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।

Jul 16, 2026 - 15:38
Jul 16, 2026 - 15:38
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सोनम वांगचुक की सेहत पर हाईकोर्ट सख्त, नियमित मेडिकल जांच के दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच सरकारी डॉक्टरों से कराई जाए और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर तुरंत जरूरी कदम उठाए जाएं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था की गई है। इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि उनकी रोजाना स्वास्थ्य जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब भी सोनम वांगचुक ने अनुमति दी, सरकारी डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया है। इसके अलावा निजी डॉक्टर भी समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच करते रहे हैं और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है और यदि मेडिकल रिपोर्ट में किसी प्रकार की गंभीर स्थिति सामने आती है तो बिना देरी के आवश्यक चिकित्सा हस्तक्षेप किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी हर पहलू पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।

सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकारी डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अदालत ने सरकार के इस रुख को सकारात्मक बताते हुए कहा कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

इस बीच सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने उन्हें अनशन समाप्त करने की सलाह दी है, लेकिन फिलहाल वह ऐसा करने के पक्ष में नहीं हैं। उनके अनुसार, उनका शरीर कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन वह अभी भी अनशन जारी रखने की स्थिति में हैं।

अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि अनशन के दौरान उनके कई मेडिकल टेस्ट और ईसीजी किए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक रही है। उन्होंने कहा कि शारीरिक कमजोरी महसूस हो रही है, लेकिन आंदोलन का उद्देश्य अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उनसे अनशन समाप्त करने की बजाय 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों।

वांगचुक ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों से भी अपील की कि वे 20 जुलाई के संसद मार्च को लोकतंत्र को समझने के एक व्यावहारिक अवसर के रूप में देखें। उनका कहना है कि लोकतंत्र में जनभागीदारी महत्वपूर्ण होती है और युवाओं को ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और नियमित मेडिकल निगरानी जारी रखी जाएगी।