रायपुर में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निभाई 'छेरा पहरा' की परंपरा
राजधानी रायपुर में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'छेरा पहरा' की परंपरा निभाते हुए रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूरा शहर भक्ति और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा के साथ निकाली गई। गायत्री नगर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ हुई इस रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। "जय जगन्नाथ" के जयघोष, शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दोनों ने सनातन परंपरा के अनुसार 'छेरा पहरा' की ऐतिहासिक परंपरा निभाते हुए स्वर्ण झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई की। यह परंपरा सेवा, समानता और विनम्रता का प्रतीक मानी जाती है।
श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष एवं रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
रथयात्रा गायत्री नगर स्थित मंदिर से प्रारंभ होकर खम्हारडीह थाना, बीटीआई ग्राउंड होते हुए मौसी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा भगवान के रथ का पुष्पवर्षा, आरती और भजन-कीर्तन के साथ स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
आयोजन के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए, वहीं ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झांकियों, झूमर, करमा और सुवा नृत्य ने रथयात्रा को और अधिक आकर्षक बना दिया। सुसज्जित रथों और भक्तों की आस्था ने राजधानी को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। नगर निगम, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों ने समन्वित रूप से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभालते हुए आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
रथयात्रा के अंतिम पड़ाव पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह मौसी मंदिर पहुंचे, जहां वैदिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, रमेश सिंह ठाकुर, श्रीचंद सुंदरानी, कुलदीप जुनेजा, नवीन अग्रवाल, अमर परवानी, वर्णिका शर्मा, अमरजीत छाबड़ा, संजय श्रीवास्तव, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, नलिनेश ठोकने, प्रीति सिंह, जयंती पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।