रतलाम के दुग्ध उत्पादक किसानों को बड़ी सौगात, खाते खुलते ही मिलेगा दूध का तत्काल भुगतान
रतलाम जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए भारत सरकार के सहकारिता विभाग की पहल के तहत नई बैंकिंग व्यवस्था लागू की जा रही है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में खाते खुलने के बाद दूध विक्रय की राशि सीधे किसानों के खाते में तत्काल पहुंचेगी। साथ ही आसान ऋण, आकर्षक ब्याज दर और माइक्रो एटीएम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। भारत सरकार के सहकारिता विभाग के मार्गदर्शन में जिले की सभी दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों एवं उनके सदस्यों के बैंक खाते जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में खोले जा रहे हैं। इसके साथ ही समितियों को माइक्रो एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहले की तुलना में अधिक आसान और सुलभ हो जाएंगी।
जिले में वर्तमान समय में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों और उनके सदस्यों के खाते खोलने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद किसानों को दूध विक्रय की राशि सीधे उनके बैंक खातों में तत्काल प्राप्त होगी। इससे भुगतान में होने वाली देरी समाप्त होगी और किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किसानों को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से पशुपालन, डेयरी व्यवसाय के विस्तार और कृषि संबंधी अन्य गतिविधियों के लिए ऋण आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। पहले की तुलना में ऋण प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होने से किसान अपने व्यवसाय का विस्तार करने के साथ आधुनिक संसाधनों का उपयोग भी कर सकेंगे।
इसके अलावा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में जमा राशि पर अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों की तुलना में बेहतर एवं आकर्षक ब्याज दर का लाभ मिलने की भी जानकारी दी गई है। इससे किसानों की बचत पर अधिक प्रतिफल मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
योजना के तहत प्रत्येक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराया जाएगा। इस सुविधा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसान नकद निकासी, नकद जमा, बैलेंस जांच और अन्य आवश्यक बैंकिंग सेवाओं का लाभ अपने गांव के आसपास ही प्राप्त कर सकेंगे। इससे बैंक शाखाओं तक बार-बार जाने की आवश्यकता कम होगी और समय तथा खर्च दोनों की बचत होगी।
जिला प्रशासन एवं सहकारिता विभाग ने जिले की सभी दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों और उनके सदस्यों से अपील की है कि वे शीघ्र जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में अपने खाते खुलवाएं और इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल किसानों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस नई व्यवस्था से न केवल दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान मिलेगा, बल्कि बैंकिंग सुविधाओं तक उनकी आसान पहुंच, सस्ती ऋण व्यवस्था और बेहतर बचत विकल्प उपलब्ध होने से डेयरी व्यवसाय को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।