दिल्ली में महिलाओं के लिए 56 स्पेशल इलेक्ट्रिक बसें, सुरक्षित और मुफ्त सफर की नई शुरुआत

दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने जा रही है। इनमें 30 लेडीज स्पेशल और 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बसें शामिल हैं, जो राजधानी के 28 प्रमुख रूटों पर संचालित होंगी। बसों में सीसीटीवी, पैनिक बटन, लो-फ्लोर रैंप और पिंक स्मार्ट कार्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

Jul 16, 2026 - 15:15
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दिल्ली में महिलाओं के लिए 56 स्पेशल इलेक्ट्रिक बसें, सुरक्षित और मुफ्त सफर की नई शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) जल्द ही महिलाओं के लिए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू करने जा रहा है। इनमें 30 लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बसें और 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल (U-SPL) इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। यह पहल कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को पीक आवर्स के दौरान सुरक्षित और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

परिवहन विभाग के अनुसार, ये सभी विशेष इलेक्ट्रिक बसें राजधानी के 28 व्यस्त रूटों पर संचालित होंगी। लेडीज स्पेशल बसों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे प्रमुख कार्यालय क्षेत्रों, व्यावसायिक केंद्रों, संस्थागत इलाकों और महत्वपूर्ण मेट्रो इंटरचेंज को आपस में जोड़ें। इन बसों का संचालन सुबह 7:52 बजे से 9:00 बजे और शाम 4:32 बजे से 6:15 बजे के बीच किया जाएगा, ताकि नौकरीपेशा महिलाओं को कार्यालय आने-जाने के समय बेहतर सुविधा मिल सके।

वहीं, 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल (U-SPL) इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस और अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थानों को राजधानी के विभिन्न रिहायशी इलाकों से जोड़ेंगी। इन रूटों में नजफगढ़, रोहिणी, जनकपुरी, मुंडका, मयूर विहार, कालकाजी, पल्ला और धौलाकुआं जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी 56 बसों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) से जुड़े पैनिक बटन, लो-फ्लोर रैंप और आवश्यकता के अनुसार बस मार्शल या महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती शामिल होगी। इसके अलावा बसों की अलग पहचान के लिए विशेष ब्रांडिंग भी की जाएगी, जिससे महिला यात्री इन्हें आसानी से पहचान सकें।

सरकार ने इन बसों को पिंक स्मार्ट कार्ड प्रणाली से भी जोड़ने का निर्णय लिया है। इससे पात्र महिला यात्रियों को कैशलेस और मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। यह व्यवस्था महिलाओं की यात्रा को न केवल आसान बनाएगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में उनकी भागीदारी भी बढ़ाएगी।

परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार यह विशेष इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इससे राजधानी में सुरक्षित, आधुनिक तथा पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार महिलाओं के लिए अधिक समावेशी और भरोसेमंद परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। यह पहल कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के दैनिक आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और तनावमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।