E20 पेट्रोल मामले में रायपुर उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक फैसला, कंपनी को नई कार देने का आदेश

रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने E20 पेट्रोल से कार खराब होने के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए वाहन निर्माता कंपनी और डीलर को नई कार देने का आदेश दिया है। आदेश का पालन नहीं करने पर 20.50 लाख रुपये लौटाने, 1 लाख रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये वाद व्यय देने के निर्देश दिए गए हैं।

Jul 16, 2026 - 16:07
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E20 पेट्रोल मामले में रायपुर उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक फैसला, कंपनी को नई कार देने का आदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l E20 पेट्रोल से वाहन खराब होने के मामले में रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसे देशभर के उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग ने वाहन निर्माता कंपनी और संबंधित डीलर की सेवा में कमी मानते हुए पीड़ित उपभोक्ता को नई कार उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बन सकता है।

आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि संबंधित कार का इंजन E20 पेट्रोल के अनुरूप नहीं था। इसके बावजूद उपभोक्ता को पर्याप्त जानकारी और उचित समाधान उपलब्ध नहीं कराया गया। इस आधार पर आयोग ने वाहन निर्माता कंपनी और डीलर दोनों को सेवा में कमी का दोषी माना।

आदेश के अनुसार, कंपनी को पीड़ित उपभोक्ता को नई कार उपलब्ध करानी होगी। यदि कंपनी नई कार देने में असमर्थ रहती है, तो उसे वाहन की कीमत के रूप में 20.50 लाख रुपये वापस करने होंगे। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये अलग से देने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकार कंपनी पर कुल लगभग 21.60 लाख रुपये के भुगतान की जिम्मेदारी तय की गई है।

उपभोक्ता आयोग ने आदेश का पालन करने के लिए 45 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो कंपनी को संपूर्ण राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आयोग ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता और उसके उपयोग से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराना निर्माता और विक्रेता दोनों की जिम्मेदारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल एक उपभोक्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में वाहन निर्माताओं और डीलरों की जवाबदेही तय करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय साबित हो सकता है। खासकर ऐसे समय में जब देशभर में E20 ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, यह आदेश वाहन कंपनियों को अपने उत्पादों की तकनीकी क्षमता और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली जानकारी के प्रति अधिक सतर्क रहने का संदेश देता है।

उपभोक्ता अधिकारों के क्षेत्र में इस निर्णय को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे उन उपभोक्ताओं को भी कानूनी आधार मिल सकता है, जिन्हें वाहन की तकनीकी खामियों या गलत जानकारी के कारण नुकसान उठाना पड़ा है। रायपुर उपभोक्ता आयोग का यह फैसला भविष्य में उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है।