बालोद में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, जयघोष और भक्ति में डूबा पूरा शहर

बालोद में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे मार्ग पर पुष्पवर्षा, भजन-कीर्तन और जय जगन्नाथ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

Jul 16, 2026 - 17:21
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बालोद में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, जयघोष और भक्ति में डूबा पूरा शहर

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम गुरुवार को बालोद में देखने को मिला, जहां भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल हुए और भगवान के दर्शन कर रथ की रस्सी खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया।

रथयात्रा का शुभारंभ विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की सुसज्जित प्रतिमाओं को आकर्षक रथ पर विराजमान कर नगर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली गई। जैसे-जैसे रथ आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया और पूरा शहर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा।

यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शंखध्वनि, ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, प्रदेश की खुशहाली और विश्व शांति की कामना करते नजर आए।

रथयात्रा में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित समाज के हर वर्ग की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान के रथ की रस्सी खींची। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचने वाले भक्तों पर विशेष कृपा बनी रहती है और उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है।

रथयात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो।

भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा ओडिशा के पुरी से प्रारंभ हुई एक प्राचीन धार्मिक परंपरा है, जिसे आज देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व समानता, समरसता, सेवा और लोककल्याण का संदेश देता है। बालोद में भी वर्षों से यह परंपरा पूरे श्रद्धाभाव के साथ निभाई जा रही है, जो सामाजिक सौहार्द और भारतीय संस्कृति की "एकता में अनेकता" की भावना को मजबूत करती है।

इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सनातन संस्कृति केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और मानवता के मूल्यों को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। बालोद की यह रथयात्रा श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गई।