नारायणपुर में कुष्ठ उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई मजबूती, 51 सीएचओ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नारायणपुर में 51 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, उपचार, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।

Jul 16, 2026 - 17:35
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नारायणपुर में कुष्ठ उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई मजबूती, 51 सीएचओ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के तहत जिले में कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, प्रभावी उपचार और विकलांगता की रोकथाम को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति, नारायणपुर द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों से 51 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला कुष्ठ प्रकोष्ठ के प्रयासों से किया गया। प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुकाराम कुवर के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान जिला कुष्ठ अधिकारी (प्रभारी) डॉ. बृज नंदन भानपुरिया, एनबीवीबीडीसीपी के नोडल अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजीव कुमार सिंह ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की रूपरेखा, जिले में कुष्ठ रोग की वर्तमान स्थिति और इसे प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीतियों की जानकारी दी।

प्रशिक्षण में क्योरेबा हेल्थ एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों एवं राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों डॉ. सिद्धार्थ बिस्वाल और एस. एन. तिवारी ने प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षित किया। इनमें कुष्ठ रोग की महामारी विज्ञान, रोग की प्रारंभिक पहचान, समय पर निदान, आधुनिक केस प्रबंधन, मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी), विकलांगता की रोकथाम, पुनर्वास, संपर्क अनुवीक्षण तथा कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के लिए प्रश्नोत्तर और अनुभव साझा करने का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इससे प्रतिभागियों की व्यावहारिक समझ और तकनीकी क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिली।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण संबंधी फीडबैक लिया गया और प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी 51 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षित स्वास्थ्य अधिकारी अब अपने-अपने क्षेत्रों में कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार और रोग से होने वाली विकलांगता की रोकथाम के लिए अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि ऐसे नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने के साथ-साथ जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।