नेपानगर में 33वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन का भव्य शुभारंभ, जल-जंगल-पहाड़ संरक्षण पर मंथन
बुरहानपुर जिले के नेपानगर तहसील अंतर्गत चेनपुरा क्षेत्र में तीन दिवसीय 33वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश से लाखों आदिवासी समाजजन शामिल हो रहे हैं, जहां पर्यावरण संरक्षण, जल-जंगल-पहाड़ और आदिवासी संस्कृति पर गहन मंथन किया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेश किंगे ,नेपानगर (बुरहानपुर)। नेपानगर तहसील के चेनपुरा क्षेत्र में तीन दिवसीय 33वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन का भव्य शुभारंभ किया गया। इस महासम्मेलन में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हो रहे हैं। विशेष बात यह है कि इस आयोजन में विदेशों से भी आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों की सहभागिता देखी जा रही है, जिससे यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर रहा है।
महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जल, जंगल, पहाड़ और पानी के संरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर समाज में जागरूकता फैलाना और सामूहिक मंथन करना है। सम्मेलन में ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और लगातार बिगड़ते पर्यावरण पर भी गहन चर्चा की जा रही है। वक्ताओं ने आदिवासी जीवनशैली को प्रकृति के संरक्षण का सबसे प्रभावी मॉडल बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीता आया है।
सम्मेलन के दौरान पारंपरिक आदिवासी परंपराओं के अनुसार सांस्कृतिक प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें आदिवासी साहित्य, कला, वेशभूषा, लोक-नृत्य, लोक-गीत एवं पारंपरिक जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया है। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और इतिहास से जोड़ना है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों को पहचान सके।
आयोजन समिति के अध्यक्ष बिल्लर सिंह जमरा ने बताया कि यह महासम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की एकता, पहचान और अधिकारों की आवाज है। वहीं आदिवासी एकता परिषद के महासचिव अशोक चौधरी ने कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज एकजुट होकर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आए।
सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए भगवंत शिंगाडे साइकिल यात्रा के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
बुधवार को सम्मेलन में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य, मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित आदिवासी समाज के कई बड़े नेता भी शिरकत करेंगे। आयोजन स्थल पर भारी संख्या में समाजजन की उपस्थिति से क्षेत्र में उत्सव और जागरूकता का वातावरण बना हुआ है।