सुपोषण की ओर बढ़ा कोण्डागांव, मुनगा पौधरोपण जन आंदोलन का शुभारंभ

कोण्डागांव जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग ने "सुपोषण की ओर एक कदम : मुनगा पौधरोपण जन आंदोलन" की शुरुआत की है। अभियान के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा एवं फलदार पौधे लगाकर सुपोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना, कुपोषण कम करना तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

Jul 16, 2026 - 18:07
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सुपोषण की ओर बढ़ा कोण्डागांव, मुनगा पौधरोपण जन आंदोलन का शुभारंभ

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव l जिले में कुपोषण उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण और जनसामान्य में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा "सुपोषण की ओर एक कदम : मुनगा पौधरोपण जन आंदोलन" का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा (सहजन) एवं विभिन्न फलदार पौधों का रोपण कर सुपोषण वाटिकाएं विकसित की जाएंगी।

अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को पोषण वाटिका के रूप में विकसित करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर पौष्टिक फल, हरी सब्जियां और पोषणयुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ कुपोषण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। विभाग द्वारा पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि लगाए गए पौधे लंबे समय तक उपयोगी बने रहें।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्कूल प्रबंधन समितियों तथा स्थानीय नागरिकों ने पौधरोपण कर अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और बेहतर पोषण के लिए सामूहिक संकल्प लेते हुए इस जन आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।

अधिकारियों ने बताया कि मुनगा पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पौधा है। इसकी पत्तियों, फलियों, फूलों और बीजों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, विटामिन-ए और विटामिन-सी सहित अनेक आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित रूप से मुनगा का सेवन बच्चों के शारीरिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी कारण इसे सुपोषण अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।

अभियान के अंतर्गत लगाए गए फलदार पौधों से प्राप्त फलों का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित पोषण गतिविधियों, पोषण माह, स्वास्थ्य दिवस और विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों में किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों एवं माताओं को संतुलित आहार, स्वच्छता, जल संरक्षण, जैविक खेती और पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन के लिए नियमित रूप से जागरूक किया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस पहल को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए विद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंडलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की है। नागरिकों से अपने घर, विद्यालय, कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर कम से कम एक मुनगा और एक फलदार पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया गया है।

"एक आंगनबाड़ी–एक सुपोषण वृक्ष, एक परिवार–एक फलदार पौधा" के संदेश के साथ संचालित यह अभियान जिले में लगातार जारी रहेगा। विभाग का मानना है कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बच्चों और माताओं के बेहतर पोषण, कुपोषण में कमी तथा स्वस्थ और हरित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।