लोरो घाट में भीषण सड़क हादसा, तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में ट्रक के केबिन में फंसे तीन लोगों की बचाई गई जान
जशपुर जिले के लोरो घाट में कोयला लदा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद केबिन में फंसे तीन लोगों को पुलिस और रेस्क्यू टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। डीआईजी एवं एसएसपी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी की और रेस्क्यू टीम को सम्मानित करने की घोषणा की।
UNITED NEWS OF ASIA. लक्ष्मीनारायण जांगडे, जशपुर l जशपुर जिले के लोरो घाट में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने साहस एवं त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए ट्रक के केबिन में फंसे तीन लोगों की जान बचा ली। लगभग तीन घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कटर मशीन की सहायता से ट्रक के क्षतिग्रस्त केबिन को काटकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, झारखंड के धनबाद से कोयला लेकर रायपुर जा रहा टाटा ट्रक क्रमांक JH-02-AM-6041 15 जुलाई की शाम लगभग 7 बजे लोरो घाट में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक सहित तीन लोग केबिन में बुरी तरह फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही थाना दुलदुला पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग, डायल-112, अग्निशमन दल और एंबुलेंस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। इस दौरान पुलिस मितान के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने भी रेस्क्यू अभियान में सक्रिय सहयोग किया।
करीब तीन घंटे तक लगातार चले अभियान के दौरान कटर मशीन की मदद से ट्रक के केबिन और स्टेयरिंग के हिस्से को काटा गया। इसके बाद तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए शासकीय अस्पताल जशपुर भेजा गया। अस्पताल में उनका उपचार जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं घटनास्थल पहुंचे और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। उन्होंने पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग, डायल-112, अग्निशमन दल, पुलिस मितान और स्थानीय नागरिकों के साहस एवं समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने त्वरित निर्णय क्षमता और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिचय दिया, जिसके कारण तीन लोगों का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका।
डीआईजी ने घोषणा की कि रेस्क्यू अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य रेस्क्यू टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, घायलों की सहायता करने वाले स्थानीय नागरिकों के नाम 'गुड सेमिरिटन' योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए प्रशासन को भेजे जाएंगे।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिस थाने को सूचना दें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए घायलों की यथासंभव सहायता करें। समय पर दी गई सूचना और त्वरित मदद किसी घायल के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।