कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत कुल 1339 पात्र परिवारों को नए गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इन कनेक्शनों से उन परिवारों को सबसे अधिक राहत मिली है, जो अब तक लकड़ी, उपले या कोयले के सहारे भोजन बनाने को मजबूर थे। गैस कनेक्शन मिलने के बाद महिलाओं को धुएँ से मुक्ति मिली है और रसोई का काम पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और समय-संतुलित हो गया है।
इस योजना का उद्देश्य केवल स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना भी है। रसोई में धुएँ से होने वाली आंखों में जलन, सांस संबंधी बीमारियां और लंबे समय में होने वाले गंभीर रोगों से अब महिलाओं को राहत मिल रही है। साथ ही, खाना पकाने में लगने वाला समय भी कम हुआ है, जिससे महिलाएं अपने परिवार, बच्चों की पढ़ाई और स्वरोजगार से जुड़े कार्यों के लिए अधिक समय निकाल पा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना 3.0 ने सामाजिक बदलाव की भी एक नई मिसाल पेश की है। पहले महिलाओं को ईंधन के लिए जंगलों में घंटों भटकना पड़ता था। इससे न केवल उनका कीमती समय नष्ट होता था, बल्कि सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियां भी सामने आती थीं। अब घर पर ही सुरक्षित और स्वच्छ गैस ईंधन उपलब्ध होने से महिलाओं की सुरक्षा बढ़ी है और उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।
उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत दिए जा रहे ये नए कनेक्शन केवल गैस सिलेंडर नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन और सम्मानजनक भविष्य की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे ग्रामीण परिवारों के जीवन में सुविधा के साथ-साथ स्थायी बदलाव भी देखने को मिल रहा है।
उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत पात्रता के नए मापदंड
उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत ऐसे परिवार पात्र माने जाएंगे—
-
जिनकी मासिक आय 10 हजार रुपये से कम हो।
-
जो आयकर या व्यावसायिक कर का भुगतान नहीं करते हों।
-
जिनके परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में न हो।
-
जिनके पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम न हो।
-
जिनके पास 50,000 रुपये से अधिक सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड न हो।
-
जिनके पास 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि न हो तथा दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि न हो।
-
जिनके पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण के साथ 7.5 एकड़ या उससे अधिक भूमि न हो।
-
जिनके पास 30 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया वाला मकान न हो (सरकारी योजना से प्राप्त मकान को छोड़कर)।
-
जिनके पास मोटर चालित 3/4 पहिया वाहन, मछली पकड़ने वाली नाव या यंत्रीकृत कृषि उपकरण न हो।
-
तथा जिनके पास पहले से एलपीजी कनेक्शन न हो।
उज्ज्वला योजना 3.0 वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण, बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छ भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।