क्लबों में महिलाओं को शराब परोसने पर विवाद: कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला

छत्तीसगढ़ में क्लबों में महिलाओं को शराब परोसने के वायरल वीडियो को लेकर सियासत तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे प्रदेश की संस्कृति के खिलाफ बताया है।छत्तीसगढ़ में क्लबों में महिलाओं को शराब परोसने के वायरल वीडियो को लेकर सियासत तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे प्रदेश की संस्कृति के खिलाफ बताया है।

Apr 8, 2026 - 11:50
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क्लबों में महिलाओं को शराब परोसने पर विवाद: कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह,रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्लबों में महिलाओं को शराब परोसने के वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे पर राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की शराब नीति के कारण ऐसे आयोजन बढ़ते जा रहे हैं, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में धनंजय सिंह ठाकुर ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित पियानो क्लब में सामने आए वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि यहां बाहरी कलाकारों द्वारा महिलाओं को खुलेआम शराब परोसी जा रही है और “दारू पियो, ऐश करो” जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी के वीआईपी रोड स्थित क्लबों में देर रात तक पार्टियां हो रही हैं, जो सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, खासकर उस प्रदेश में जिसे माता कौशल्या का धाम कहा जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर महिलाओं को इस तरह क्लबों में शराब परोसने की अनुमति कैसे दी गई और क्या सरकार सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों को नजरअंदाज कर रही है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शराब बिक्री को बढ़ावा देने के लिए होटल, ढाबों और क्लबों में शराब परोसने की खुली छूट दे दी है। इसका परिणाम अब इस रूप में सामने आ रहा है कि राजधानी में लेट नाइट पार्टियों, रेव पार्टी, ड्रग्स पार्टी और जुए जैसी गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले राजधानी में कथित न्यूड पार्टी के आयोजन की तैयारी हुई थी, जिसे विरोध के बाद रोका गया था। उस समय सरकार ने आश्वासन दिया था कि भविष्य में प्रदेश की संस्कृति के खिलाफ कोई आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन अब सेरीखेड़ी का यह मामला उस वादे पर सवाल खड़ा करता है।

कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी के कारण अपराध भी बढ़ रहे हैं और यह लचर कानून व्यवस्था का परिणाम है। ठाकुर ने कहा कि आयोजकों में कानून का कोई डर नहीं रह गया है, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे आयोजनों पर तत्काल कड़ी रोक लगाई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई, तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।