कबीरधाम जिले के वार्ड क्रमांक 08 में रहने वाली सीता राजपूत को महतारी वंदन योजना का लगातार लाभ मिल रहा है। अब तक उन्हें इस योजना की 25 किस्तें प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि ने उनके दैनिक जीवन की कई समस्याओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीता राजपूत अपने पति के साथ मिलकर गुपचुप और पकौड़े का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। पहले उनकी आय सीमित थी, जिसके कारण घर का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना काफी मुश्किल हो जाता था। लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनकी कई चिंताओं को कम कर दिया।
सीता बताती हैं कि योजना के तहत मिलने वाली राशि हर महीने नियमित रूप से उनके बैंक खाते में जमा हो जाती है। शुरुआत में उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने बेटे की पढ़ाई के लिए किया, जिससे उसकी शिक्षा प्रभावित नहीं हुई। बाद में उन्होंने इस पैसे को अपने छोटे व्यवसाय में लगाना शुरू किया, जिससे उनके ठेले के काम में भी कुछ विस्तार हो सका।
अब तक सीता राजपूत को इस योजना के तहत लगभग 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल चुकी है। इस सहायता से उन्होंने अपने व्यवसाय को थोड़ा बेहतर बनाया और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी आसानी हुई। उनके अनुसार यह योजना छोटे व्यवसाय करने वाले परिवारों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है।
सीता राजपूत का कहना है कि महतारी वंदन योजना उनके जैसे कई परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। उनका मानना है कि सरकार की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है।
आज सीता राजपूत गर्व के साथ कहती हैं कि इस योजना ने उनके परिवार को सहारा दिया है और उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा और ताकत दी है। वे अन्य महिलाओं को भी इस तरह की योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं।
महतारी वंदन योजना की ऐसी कहानियां यह साबित करती हैं कि सही दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम भी समाज में बड़े बदलाव की नींव रख सकता है। यह योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की राह खोल रही है।