दिल्ली से हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ सकती है नमो भारत ट्रेन, सर्वे को मिली मंजूरी

एनसीआरटीसी ने नमो भारत ट्रेन सेवा को मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तार देने के लिए सर्वे शुरू करने की मंजूरी दी है। प्रस्तावित कॉरिडोर से दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच तेज और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

Jun 12, 2026 - 16:06
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दिल्ली से हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ सकती है नमो भारत ट्रेन, सर्वे को मिली मंजूरी

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच रेल संपर्क को और अधिक तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत ट्रेन सेवा को मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तार देने के लिए सर्वे शुरू करने पर सहमति दे दी है।

यह प्रस्तावित परियोजना रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत विकसित की जाएगी, जिसका उद्देश्य प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय को कम करना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। वर्तमान में दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत ट्रेन सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान कर रही है।

एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक द्वारा उत्तराखंड सरकार को भेजे गए पत्र के अनुसार, प्रस्तावित विस्तार के तहत मेरठ से मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश तक संभावित रूट का अध्ययन किया जाएगा। इस सर्वे में यात्री मांग, तकनीकी व्यवहार्यता, परियोजना लागत और सामाजिक-आर्थिक लाभों का आकलन शामिल होगा।

जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 150 किलोमीटर होगी, जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों का हिस्सा शामिल रहेगा। परियोजना का एक हिस्सा दिल्ली क्षेत्र से भी जुड़ा होगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी और उत्तराखंड के बीच निर्बाध रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होने की संभावना है।

उत्तराखंड सरकार लंबे समय से इस रेल नेटवर्क को देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित करने की मांग कर रही थी। अब सर्वे शुरू होने की मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

वर्तमान में दिल्ली से मेरठ तक विकसित नमो भारत कॉरिडोर 82.15 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 16 प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित होती है और दिल्ली से मेरठ की दूरी लगभग 55 मिनट में पूरी कर लेती है।

इस सेवा की शुरुआत अक्टूबर 2023 में हुई थी और धीरे-धीरे इसे विभिन्न चरणों में विस्तारित किया गया। अब इसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड तक विस्तार की योजना तैयार की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना मंजूर होती है, तो दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। साथ ही हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

इससे न केवल यात्रियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलेगी। सड़क और रेल दोनों माध्यमों से तेज कनेक्टिविटी विकसित होने से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।