शराब की कमाई से योजनाएं चलाने के आरोप पर कांग्रेस का हमला, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन के कथित बयान को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब की ओवररेटिंग, अवैध बिक्री और कथित अनियमितताओं को संरक्षण मिल रहा है तथा मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की शराब नीति और कथित ओवररेटिंग के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में शराब बिक्री से जुड़े मामलों में व्यापक अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
रायपुर में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन के कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकारी योजनाओं के संचालन को शराब से प्राप्त राजस्व से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की महिलाओं और परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसी नीतियों से बचना चाहिए जो शराब की खपत बढ़ाने वाली प्रतीत हों।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की ओवररेटिंग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी का दावा है कि कई ब्रांड की शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेची जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि ऐसी गतिविधियां हो रही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हाल के दिनों में शराब बिक्री से जुड़े कुछ मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, लेकिन इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती। उनका आरोप है कि केवल अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय पूरे तंत्र की जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।
कांग्रेस ने राज्य में कथित शराब घोटाले, अवैध शराब कारोबार और नकली शराब की बिक्री से जुड़े मामलों की स्वतंत्र एजेंसियों से जांच कराने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई नहीं है तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट हो जानी चाहिए, जबकि यदि अनियमितताएं हुई हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, बलरामपुर और जगदलपुर सहित विभिन्न स्थानों पर सामने आए कथित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि अवैध या मिलावटी शराब की घटनाएं सामने आ रही हैं तो इनके पीछे कौन लोग शामिल हैं और उन पर क्या कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस ने भाजपा पर विपक्ष में रहते हुए शराबबंदी और शराब नीति को लेकर अलग रुख अपनाने तथा सत्ता में आने के बाद अलग नीति अपनाने का आरोप भी लगाया। पार्टी का कहना है कि सरकार को शराब बिक्री, राजस्व और नियंत्रण व्यवस्था से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और जनहित के स्तर पर उठाती रहेगी तथा शराब बिक्री से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करती रहेगी।