हसदेव में पेड़ कटाई का कांग्रेस ने किया विरोध, दीपक बैज बोले- पूरे प्रदेश में होगा बड़ा जनआंदोलन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में प्रस्तावित पेड़ कटाई और कोयला खनन परियोजनाओं का विरोध करते हुए इसे पर्यावरण, आदिवासी अधिकारों और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा बताया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जंगल कटाई नहीं रोकी गई तो पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

Jun 15, 2026 - 11:34
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हसदेव में पेड़ कटाई का कांग्रेस ने किया विरोध, दीपक बैज बोले- पूरे प्रदेश में होगा बड़ा जनआंदोलन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में प्रस्तावित वन भूमि डायवर्जन और बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई का पुरजोर विरोध करने की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश के महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों और पर्यावरणीय संसाधनों पर संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन करेगी।

रायपुर में जारी बयान में दीपक बैज ने कहा कि हसदेव अरण्य मध्य भारत के सबसे महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में से एक है, जिसे पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। उन्होंने दावा किया कि केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइनिंग और पिट हेड कोल वॉशरी परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में वन भूमि को गैर-वन उपयोग के लिए परिवर्तित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उनके अनुसार, यदि संबंधित प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति मिलती है तो लाखों पेड़ों के प्रभावित होने और व्यापक पर्यावरणीय नुकसान की आशंका है।

दीपक बैज ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र जैव विविधता, जल स्रोतों और वन्यजीवों के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित खनन गतिविधियों से हाथियों सहित अनेक वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित होंगे और स्थानीय पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र को “सेंट्रल इंडिया का लंग्स ज़ोन” माना जाता है, इसलिए यहां बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई दूरगामी प्रभाव छोड़ सकती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और यहां निवास करने वाले आदिवासी समुदाय लंबे समय से विभिन्न खनन परियोजनाओं का विरोध करते रहे हैं। उनके अनुसार, हरैया, फतेहपुर, साल्ही और हर्रई सहित कई गांवों के लोग अपनी आजीविका, जल स्रोतों और पारंपरिक अधिकारों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर उठाई जा रही आपत्तियों और विरोध प्रदर्शनों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।

दीपक बैज ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर कुछ कोल ब्लॉकों के आवंटन को निरस्त करने की मांग केंद्र सरकार को भेजी गई थी। उनका दावा है कि उस मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और अब फिर से क्षेत्र में खनन विस्तार की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह हसदेव अरण्य में वन कटाई और प्रस्तावित परियोजनाओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण, आदिवासी अधिकारों की रक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के मुद्दे पर जनता को साथ लेकर आंदोलन चलाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की है कि हसदेव क्षेत्र में किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय समुदायों, पर्यावरण विशेषज्ञों और सभी हितधारकों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।