इस पावन आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा भाव को ध्यान में रखते हुए आयुष्मान सेवा संस्था द्वारा निःशुल्क रसपान (शरबत) सेवा का आयोजन किया गया है। भीषण गर्मी और लंबी यात्रा के बाद दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को शीतल पेय उपलब्ध कराकर संस्था के सदस्यों ने सेवा, समर्पण और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
सेवा स्थल पर संस्था के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ लगातार शरबत वितरण कर रहे हैं। साथ ही स्वच्छता और सुव्यवस्थित व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सहज वातावरण में सेवा का लाभ ले सकें।
इस अवसर पर समाजसेवी गिरीश (बिट्टू) शर्मा ने कहा कि गिरौदपुरी धाम हम सभी के लिए आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है। पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी द्वारा दिया गया सत्य, अहिंसा और मानवता का संदेश आज भी समाज को दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान सेवा संस्था द्वारा की जा रही निःशुल्क रसपान सेवा उसी विचारधारा से प्रेरित एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है।
उन्होंने आगे कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार जनकल्याण के कार्यों में योगदान देना चाहिए। संस्था भविष्य में भी धार्मिक, सामाजिक और मानवीय आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाती रहेगी।
गिरौदपुरी मेले में उमड़ रही भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच सेवा कार्यों को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी आयुष्मान सेवा संस्था की खुले दिल से सराहना की। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में शुद्ध पेयजल और शीतल पेय जैसी सेवाएं श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं।
इस सेवा कार्य में आशीष वर्मा, अजय कश्यप, राम पटेल, ओम पटेल गोविदा, मयंक रजक सहित संस्था से जुड़े अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और पूरे समर्पण भाव से सेवा में लगे रहे। गिरौदपुरी मेला–2026 में सेवा और आस्था का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनता नजर आ रहा है।