दुर्ग में चने की फसल बचाने के नाम पर लंगूरों की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में चने की फसल बचाने के नाम पर दो हनुमान लंगूरों की हत्या करने वाले आरोपी को वन विभाग और पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

Apr 9, 2026 - 16:28
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दुर्ग में चने की फसल बचाने के नाम पर लंगूरों की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. भारती कौर, भिलाई।  दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम दनिया (बोरी) में वन्यजीवों के प्रति क्रूरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी फसल को नुकसान से बचाने के नाम पर दो बेजुबान हनुमान लंगूर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।

मामले के अनुसार, आरोपी अजय पटेल ने चने की फसल को नुकसान पहुंचाने के संदेह में एयरगन का इस्तेमाल करते हुए दो लंगूरों पर गोली चलाई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने एक लंगूर के शव को जमीन में दफना दिया, जबकि दूसरे का शव खुले में छोड़ दिया, जिसे बाद में कुत्तों ने नोच लिया।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई। संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि मारे गए दोनों लंगूर “हनुमान लंगूर” प्रजाति के थे, जो कि भारतीय वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत हनुमान लंगूर अनुसूची-2 में शामिल हैं और इनके शिकार या हत्या पर कड़ी सजा का प्रावधान है। इस अपराध में दोषी पाए जाने पर आरोपी को 3 से 7 वर्ष तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष के मुद्दे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में जानवरों से फसल को नुकसान होना एक आम समस्या है, लेकिन इसका समाधान हिंसा नहीं हो सकता। इसके लिए सरकार और वन विभाग द्वारा कई वैकल्पिक उपाय सुझाए गए हैं, जिनका उपयोग कर किसान अपनी फसल की रक्षा कर सकते हैं।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश भी देखा जा रहा है। कई लोगों ने इसे अमानवीय और कानून के खिलाफ बताया है। वन विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस घटना में अन्य किसी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व बनाए रखना जरूरी है और कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी सजा से बचा नहीं जा सकता।