बालोद के मेड़की में वृहद वृक्षारोपण की पहल, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ा गांव Slug: balod-medki-tree-plantati

बालोद जिले के मेड़की गांव में तालाब परिसर में वृहद वृक्षारोपण की तैयारी की गई, जहां “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया जाएगा।

Apr 9, 2026 - 16:22
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बालोद के मेड़की में वृहद वृक्षारोपण की पहल, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ा गांव  Slug: balod-medki-tree-plantati

UNITED NEWS OF ASIA.सुनील कुमार साहू, बालोद। बालोद जिले के ग्राम पंचायत ओरमा के आश्रित ग्राम मेड़की में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की जा रही है। यहां मेड़की तालाब परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी गई है, जो “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ा हुआ है।

इस पहल के तहत न केवल पौधारोपण किया जाएगा, बल्कि हर लगाए गए पेड़ को मां के नाम समर्पित किया जाएगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भावनात्मक और सामाजिक संदेश भी देती है, जिससे लोगों में प्रकृति और परिवार के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा।

9 अप्रैल 2026 को इस वृक्षारोपण स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सरपंच मंजूलता साहू के मार्गदर्शन में कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। तालाब पार स्थल के समतलीकरण, सुरक्षा के लिए फेंसिंग जाली लगाने, मवेशियों से पौधों की रक्षा हेतु गेट लगाने और आम नागरिकों के आवागमन के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस निरीक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। पंच रोशनी साहू, संतोष साहू और ललिता ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव भी दिए।

गांव में इस तरह का वृक्षारोपण कार्यक्रम न केवल पर्यावरण को संतुलित करने में सहायक होगा, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। तालाब के आसपास पौधारोपण से हरियाली बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र का तापमान नियंत्रित रहेगा और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से लोगों में पौधारोपण के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। जब लोग अपने प्रियजनों के नाम पर पेड़ लगाते हैं, तो वे उसकी देखभाल भी जिम्मेदारी के साथ करते हैं, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक होती है।

स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयासों से गांव का वातावरण स्वच्छ और हराभरा बनेगा, जिससे स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

कुल मिलाकर, मेड़की गांव में शुरू की गई यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यदि इस प्रकार के प्रयास निरंतर किए जाएं, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र हरियाली और स्वच्छता का मॉडल बन सकता है।