बालाघाट में अंधे कत्ल का खुलासा, खून की एक बूंद से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
बालाघाट जिले की लामता पुलिस ने 45 वर्षीय सुरेंद्र मड़ावी की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वैज्ञानिक जांच, एफएसएल टीम और खून के निशानों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। अवैध संबंधों को लेकर रची गई साजिश में कुल्हाड़ी से हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया गया था।
UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज़ l मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में थाना लामता पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज खून की एक बूंद और वैज्ञानिक जांच के आधार पर हत्या की पूरी गुत्थी सुलझा ली। यह मामला ग्राम परतापुर निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र मड़ावी की हत्या से जुड़ा हुआ है, जो 20 मई 2026 से लापता था। बाद में उसका शव गांव के पास स्थित तालाब में मिला था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Aditya Mishra के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के साथ घटनास्थल के आसपास सघन सर्चिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान तालाब से लगभग 500 मीटर दूर खेतों की ओर खून के निशान मिले, जिसने पुलिस को अहम सुराग दिया।
एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। जांच में सामने आया कि मृतक सुरेंद्र मड़ावी का आरोपी सोनू मड़ावी की मां के साथ अवैध संबंध था। इसी बात को लेकर सोनू मड़ावी काफी नाराज था और उसने अपने साथी मिथुन सैयाम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस जांच के अनुसार 19 और 20 मई की रात दोनों आरोपियों ने खेत की मेड़ पर घात लगाकर सुरेंद्र मड़ावी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। ताबड़तोड़ वार के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को घसीटकर तालाब में फेंक दिया ताकि मामला दुर्घटना जैसा दिखाई दे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने घटना के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की। खून लगी मिट्टी और हत्या में इस्तेमाल हथियारों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया था। हालांकि वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो कुल्हाड़ियां, घटना के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। तालाब में फेंकी गई कुल्हाड़ी को मेटल डिटेक्टर की सहायता से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार यह बरामदगी मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण साबित हुई।
गिरफ्तार आरोपियों में 19 वर्षीय सोनू मड़ावी और 23 वर्षीय मिथुन सेनगाम शामिल हैं, जो दोनों ग्राम परतापुर थाना लामता क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले की जांच में थाना लामता पुलिस, चांगोटोला पुलिस, एफएसएल टीम और साइबर सेल की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के कारण ही इस अंधे कत्ल का तेजी से खुलासा संभव हो सका।