कुपोषण मुक्त बचपन की दिशा में पहल तेज, आंगनवाड़ी सेवाओं का हुआ जमीनी मूल्यांकन

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर बच्चों के पोषण स्तर, टेक होम राशन की गुणवत्ता और विभिन्न योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान माताओं से संवाद कर कुपोषण मुक्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी की गई।

Jun 21, 2026 - 12:00
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कुपोषण मुक्त बचपन की दिशा में पहल तेज, आंगनवाड़ी सेवाओं का हुआ जमीनी मूल्यांकन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने और बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां संचालित सेवाओं और योजनाओं का जमीनी स्तर पर मूल्यांकन किया। निरीक्षण का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर, आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा शासन की योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का आकलन करना था।

निरीक्षण के दौरान बच्चों के वजन और ऊंचाई मापन की प्रक्रिया का सत्यापन किया गया। बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि पोषण स्तर की नियमित निगरानी सही तरीके से हो रही है। साथ ही केंद्रों में वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन (टीएचआर) की गुणवत्ता, वितरण व्यवस्था और उसके प्रभाव का भी अवलोकन किया गया।

रेणुका श्रीवास्तव ने गंभीर कुपोषित (एसएएम) तथा पूर्व में कुपोषण से प्रभावित रहे बच्चों की माताओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने अतिरिक्त टेक होम राशन (ए-टीएचआर) के उपयोग और उसके परिणामों की जानकारी प्राप्त की। माताओं ने बताया कि नियमित रूप से ए-टीएचआर का सेवन कराने और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए मार्गदर्शन से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

निरीक्षण के दौरान संचालक ने आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालित पोषण वाटिकाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के समन्वय से इन पोषण वाटिकाओं को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली ताजी और पौष्टिक सब्जियां तथा फल बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी संसाधनों की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा बच्चों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

भ्रमण के दौरान निरीक्षण दल ने मोहला स्थित सखी–वन स्टॉप सेंटर का भी दौरा किया। वहां महिलाओं को प्रदान की जा रही सहायता, परामर्श, सुरक्षा और पुनर्वास सेवाओं की समीक्षा की गई। महिलाओं की समस्याओं के समाधान और सहायता सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग का यह निरीक्षण अभियान न केवल योजनाओं की प्रगति का आकलन करने का माध्यम है, बल्कि बच्चों और महिलाओं तक शासन की सुविधाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। विभाग का लक्ष्य कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त कर हर बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।