मनरेगा को बंद कर नई योजना लाने की तैयारी गरीब मजदूरों के साथ छलावा: बिन्दा नेताम
पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव श्रीमती बिन्दा नेताम ने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को समाप्त कर नई योजना लाने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह कदम ग्रामीण गरीब, किसान और मजदूरों के हितों के खिलाफ है और इससे बेरोजगारी व गरीबी बढ़ेगी।
UNITED NEWS OF ASIA.रिजवान मेमन, धमतरी | नगरी क्षेत्र से पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव बिन्दा नेताम ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बंद कर उसके स्थान पर नई योजना लाने की तैयारी कर रही है, जो कि गरीब मजदूरों और ग्रामीण जनता के साथ एक बड़ा छलावा है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भारत की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है और उनकी आजीविका का मुख्य साधन कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था है।
नेताम ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने मनरेगा योजना को कानूनी मान्यता के साथ लागू किया था। इस योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिला और गांवों में पलायन पर रोक लगी। मनरेगा ने न केवल रोजगार उपलब्ध कराया, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर नई योजना लाने की तैयारी कर रही है, जो देश के इतिहास में एक बड़ी साजिश प्रतीत होती है। उनका कहना है कि सरकार की यह नीति गरीबों के अधिकारों को कमजोर करने वाली है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में लाखों पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों के हित में कार्य कर रही है, जो जनहित के बिल्कुल विपरीत है।
बिन्दा नेताम ने कहा कि देश में लगातार गरीबी और बेरोजगारी बढ़ रही है, लेकिन सरकार इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय जनविरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों का कांग्रेस पार्टी द्वारा सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह पुरजोर विरोध किया जा रहा है।
अपने बयान के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गांव, गरीब, किसान और मजदूरों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक की लड़ाई किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दी जाएगी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाती रहेगी।