कोरबा में अवैध धान भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 238 बोरियों में 95.20 क्विंटल धान जब्त

कोरबा जिले के पाली तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रूप से भंडारित धान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 238 बोरियों में 95.20 क्विंटल धान जब्त किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें दो व्यापारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Dec 18, 2025 - 18:44
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कोरबा में अवैध धान भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 238 बोरियों में 95.20 क्विंटल धान जब्त

 UNITED NEWS OF ASIA. भूपेंद्र साहू, कोरबा | जिले में अवैध रूप से भंडारित धान के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा के स्पष्ट निर्देशानुसार तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली के मार्गदर्शन में तहसील पाली क्षेत्र अंतर्गत यह कार्रवाई अंजाम दी गई। जिला प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से अवैध धान भंडारण, परिवहन और खरीदी-बिक्री में संलिप्त व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार आज तहसीलदार पाली भूषण सिंह मंडावी, खाद्य निरीक्षक रवि राज एवं राजस्व निरीक्षक पाली कन्हैया की संयुक्त टीम ने ग्राम बकसाही में जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान दो व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से धान का भंडारण पाया गया। प्रशासनिक टीम द्वारा की गई इस औचक जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।

जांच के दौरान व्यापारी सतीष जायसवाल की दुकान से 143 बोरी धान बरामद किया गया, जिसका कुल वजन 57.20 क्विंटल पाया गया। इसी प्रकार दूसरे व्यापारी कृष्ण जायसवाल की दुकान से 95 बोरी धान जब्त की गई, जिसका कुल वजन 38.00 क्विंटल था। दोनों ही मामलों में धान का भंडारण शासन द्वारा निर्धारित नियमों के विपरीत पाया गया।

उक्त अवैध भंडारण के संबंध में प्रशासन द्वारा नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई करते हुए कुल 238 बोरियों में 95.20 क्विंटल धान जब्त किया गया। जब्त किए गए धान को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। मामले में संबंधित दोनों व्यापारियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध धान भंडारण, परिवहन एवं खरीदी-बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कदम आगे भी निरंतर उठाए जाते रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समर्थन मूल्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और किसानों के हितों से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन हो।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों से भी अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों में शामिल न हों और यदि कहीं अवैध धान भंडारण या खरीदी-बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाया जा सके।