नई चेतना 4.0 अभियान से जेंडर समानता को बढ़ावा, सुरक्षित और संवेदनशील समाज निर्माण का संदेश
महिला एवं बाल विकास विभाग के “नई चेतना 4.0” अभियान के तहत प्रदेशभर में जेंडर आधारित भेदभाव और हिंसा के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा और समान अवसरों के प्रति समाज को जागरूक किया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “नई चेतना 4.0” अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जेंडर आधारित भेदभाव और हिंसा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना और सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संवेदनशील सामाजिक वातावरण का निर्माण करना है।
अभियान के तहत बीजापुर सहित विभिन्न जिलों और ब्लॉक मुख्यालयों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में महिलाओं, किशोरियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सामाजिक सम्मान से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी जा रही है।
जागरूकता कार्यक्रमों में जेंडर समानता, घरेलू हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह निषेध, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन सेवाओं और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। साथ ही महिलाओं और बालिकाओं के लिए उपलब्ध कानूनी संरक्षण एवं सहायता तंत्र की जानकारी भी साझा की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपने अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया गया कि महिलाओं और बालिकाओं का सम्मान केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यक्रमों में यह भी बताया गया कि समान अवसर और सुरक्षित वातावरण ही महिलाओं के सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला हैं।
विशेष रूप से किशोरियों और युवाओं को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए उन्हें रोकने के लिए सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता बताई गई।
अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिभागियों ने हिंसा, भेदभाव और असमानता से मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। लोगों ने महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा भी जताया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार “नई चेतना 4.0” केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की एक व्यापक जनभागीदारी आधारित पहल है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां उन्हें समान अवसर, सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।
यह अभियान समाज में लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ाने, महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके माध्यम से सुरक्षित, जागरूक और समानता आधारित समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।