कवर्धा में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर आयोजित, 25 मरीजों की हुई जांच
कवर्धा जिला अस्पताल में आयोजित निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर में 25 मरीजों की जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक करते हुए समय पर जांच और उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आमजन को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल कवर्धा में निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के निर्देशानुसार प्रतिमाह आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम की कड़ी में संपन्न हुआ।
इस विशेष शिविर में नया रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र जाटव एवं उनकी टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए मरीजों ने भाग लिया और निःशुल्क जांच का लाभ उठाया।
शिविर के दौरान कुल 25 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 13 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल थीं। इस दौरान आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए विभिन्न प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। महिलाओं के लिए मेमोग्राफी मशीन के माध्यम से स्तन कैंसर की जांच की गई, वहीं मुख कैंसर की पहचान के लिए ब्रश साइटोलॉजी और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच के लिए पैप स्मीयर टेस्ट किए गए।
जांच के दौरान 5 मरीज संभावित रूप से कैंसर पॉजिटिव पाए गए, जिन्हें आगे की उपचार प्रक्रिया के लिए चिन्हित कर संबंधित चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा गया। यह पहल इस बात को दर्शाती है कि समय पर जांच के माध्यम से गंभीर बीमारियों की पहचान कर उन्हें शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समय रहते जांच कर रोग की रोकथाम सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि संभावित मरीजों को चिन्हित कर उन्हें नियमित फॉलोअप और उचित उपचार से जोड़ना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने शिविर में उपस्थित लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्तन में गांठ, मुंह में लंबे समय तक रहने वाले अल्सर, लगातार खांसी, अत्यधिक थकान, अचानक वजन कम होना, खून की कमी, गले में गांठ, निगलने में कठिनाई और असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने से कैंसर का इलाज संभव है और मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।
इस तरह के शिविर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रहे हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सीमित होती है। निःशुल्क जांच और विशेषज्ञ परामर्श मिलने से मरीजों को राहत मिलती है और वे समय रहते बीमारी की पहचान करवा पाते हैं।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल न केवल लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले समय में ऐसे शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से समय रहते मुकाबला किया जा सके।