सुशासन तिहार में मछुआ सहकारी समिति को एनएफडीपी प्रमाण पत्र और मत्स्य जाल प्रदान

सुशासन तिहार 2026 के अवसर पर सूरजपुर जिले की कालामाजन मछुआ सहकारी समिति को राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम के तहत प्रमाण पत्र और मत्स्य जाल प्रदान किए गए। इस पहल से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और मछुआरों की आय में वृद्धि होगी।

Jun 11, 2026 - 18:13
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सुशासन तिहार में मछुआ सहकारी समिति को एनएफडीपी प्रमाण पत्र और मत्स्य जाल प्रदान

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l सुशासन तिहार 2026 के समापन अवसर पर राज्य सरकार की मत्स्य विकास एवं मछुआ कल्याण योजनाओं के अंतर्गत सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड स्थित कालामाजन जलाशय में कार्यरत आदिवासी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित को महत्वपूर्ण सौगात प्रदान की गई। राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम के तहत समिति को प्रमाण पत्र एवं मत्स्य जाल उपलब्ध कराए गए, जिससे मत्स्य पालन गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

यह सहायता मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों को आधुनिक और वैज्ञानिक मत्स्य पालन अपनाने में मदद करेगी। इसके माध्यम से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र में मत्स्य पालन को एक संगठित और व्यावसायिक स्वरूप मिलेगा। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ने समिति के प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र और मत्स्य जाल वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री प्रतिनिधि ने की। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और मछुआ समुदाय की आजीविका को सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाया जा रहा है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

जिला प्रशासन सूरजपुर के मार्गदर्शन में मत्स्य विभाग द्वारा जिले में मत्स्य विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। कालामाजन जलाशय में कार्यरत समिति को मिली इस सहायता से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय में भी सुधार होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और आजीविका के साधन मजबूत होंगे।

इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने मत्स्य पालन को ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक संसाधनों के उपयोग से मछुआ समुदाय की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।

लाभार्थी समिति के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राप्त संसाधनों और प्रशिक्षण के माध्यम से वे अपनी मत्स्य पालन गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगे और बेहतर प्रबंधन के साथ उत्पादन बढ़ा पाएंगे।

यह पहल सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।