सहारा इंडिया मामले में संपत्ति कुर्की की तैयारी तेज, रायपुर के मैग्नेटो मॉल की दुकानों सहित कई संपत्तियां चिन्हित
सहारा इंडिया से जुड़े निवेशकों की राशि गबन मामले में रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा की संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस अधीक्षक द्वारा कलेक्टर को भेजी गई रिपोर्ट में रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल की दो दुकानों, छह बैंक खातों और अन्य चल-अचल संपत्तियों का उल्लेख किया गया है। मामले में हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले में सहारा इंडिया से जुड़े बहुचर्चित निवेश घोटाले में अब संपत्ति कुर्की की कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर प्रशासन को सौंपा गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा कलेक्टर को भेजी गई जानकारी में रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल की दो दुकानों समेत कई महत्वपूर्ण संपत्तियों का उल्लेख किया गया है। प्रशासन इन संपत्तियों की कुर्की और संबंधित बैंक खातों को सीज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
जानकारी के अनुसार सहारा इंडिया में निवेशकों को आकर्षक योजनाओं और बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया गया था। बाद में परिपक्वता अवधि पूरी होने के बावजूद निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिल सकी। शिकायतों के आधार पर जांच शुरू हुई तो करोड़ों रुपये के गबन की बात सामने आई। प्रारंभिक जांच में करीब छह हजार निवेशकों के लगभग 50 करोड़ रुपये प्रभावित होने की जानकारी मिली थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार निवेशकों से एकत्रित धनराशि का उपयोग कर ओमप्रकाश शर्मा ने करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। इनमें रायपुर के मैग्नेटो मॉल में स्थित दो व्यावसायिक दुकानें भी शामिल हैं। इसके अलावा छह बैंक खातों की पहचान की गई है, जिन्हें सीज करने की तैयारी चल रही है ताकि आगे किसी प्रकार का वित्तीय लेनदेन न हो सके।
प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2024 तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर रायगढ़ जिले से 3157 आवेदन दर्ज किए गए थे। इसके अतिरिक्त सरगुजा से 24, जगदलपुर से 722, कांकेर से 764 तथा कोरबा से 1150 आवेदन प्राप्त हुए। कुल 5817 मामलों की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि निवेशकों के लगभग 49 करोड़ 22 लाख रुपये फंसे हुए हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने जीवनभर की बचत, सेवानिवृत्ति निधि या बच्चों के भविष्य के लिए राशि निवेश की थी।
निवेशकों का कहना है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिली है। कई लोग लगातार कार्यालयों और प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। प्रभावित निवेशकों में बुजुर्गों की संख्या भी काफी अधिक है, जो अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि भुगतान प्रक्रिया में हो रही देरी से चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन का मानना है कि संपत्ति कुर्की की कार्रवाई से निवेशकों के हितों की रक्षा करने और राशि की वसूली की दिशा में मदद मिल सकती है। संबंधित विभागों द्वारा संपत्तियों के मूल्यांकन और कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि कुर्की और वसूली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी जमा राशि लौटाने का रास्ता साफ होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। आने वाले समय में संपत्तियों की कुर्की और बैंक खातों पर नियंत्रण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मामले में और महत्वपूर्ण प्रगति होने की संभावना जताई जा रही है।