धान खरीदी को सफल बनाने मिलर्स करें सक्रिय सहभागिता: कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा

बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के मिलर्सों की बैठक लेकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मिलर्स 10 नवंबर तक उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक बारदाना उपलब्ध कराएं।

Nov 6, 2025 - 20:01
Nov 6, 2025 - 20:08
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धान खरीदी को सफल बनाने मिलर्स करें सक्रिय सहभागिता: कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा

UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी अंतिम चरण में है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिले के मिलर्सों की बैठक लेकर धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

 

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी कार्य शासन की विशेष प्राथमिकता का विषय है और इसमें मिलर्सों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी मिलर्सों को निर्देश दिए कि वे 10 नवंबर तक सभी उपार्जन केन्द्रों में बारदाना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं ताकि खरीदी कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

मिश्रा ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार इस वर्ष 50 प्रतिशत नए और 50 प्रतिशत पुराने बारदानों से धान खरीदी की जाएगी। जिले में कुल 143 उपार्जन केन्द्रों में से 71 केन्द्रों में अब तक मिलर्सों द्वारा 2007 गठान बारदाना उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, नवंबर माह के लिए अतिरिक्त 7000 गठानों की आवश्यकता अनुमानित की गई है।

कलेक्टर ने सभी मिलर्सों से आग्रह किया कि वे धान उपार्जन कार्य को शासन की प्राथमिकता के अनुरूप समय पर पूरा करने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नागरिक आपूर्ति निगम में पर्याप्त स्थान उपलब्ध होने के कारण मिलर्स पिछले वर्ष का बकाया चावल तत्काल निगम में जमा कराएं।

बैठक में अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, उप संचालक सहकारी संस्थाएं आर.के. राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर, जिला विपणन अधिकारी सहित जिले के मिलर्स और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पूरी हो ताकि किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।