कलेक्टर मिश्रा के निर्देश पर अवैध धान भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 3116 क्विंटल चावल जमा नहीं करने पर राइस मिल सील
धमतरी जिले में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर अवैध धान भंडारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रामसेवक एंड संस राइस मिल को सील कर दिया गया है। कस्टम मिलिंग वर्ष 2024-25 के तहत 3116 क्विंटल से अधिक चावल शासन को जमा नहीं करने पर मिल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | जिले में अवैध धान भंडारण और चावल की अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्ती बरती जा रही है। इसी क्रम में 21 जनवरी 2026 को राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम पंचायत दर्री स्थित रामसेवक एंड संस फर्म में चावल सत्यापन हेतु जांच की गई।
जांच के दौरान यह सामने आया कि फर्म द्वारा कस्टम मिलिंग वर्ष 2024-25 के अंतर्गत एफसीआई एवं नागरिक आपूर्ति निगम को कुल 7881.18 क्विंटल चावल जमा किया गया है, जबकि 3116.08 क्विंटल चावल शासन को जमा करना शेष है। शेष चावल की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 33 लाख 99 हजार 144 रुपये आंकी गई है, जो एक गंभीर वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त मिल परिसर में भौतिक सत्यापन के दौरान ढेर में संग्रहित लगभग 60 कट्टा धान एवं 23 बोरी रिजेक्शन (खराब) चावल भी पाए गए, जिनका कोई वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कार्यपालिक दंडाधिकारी धमतरी की उपस्थिति में रामसेवक एंड संस फर्म को आगामी आदेश तक सील कर दिया गया।
प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फर्म संचालक प्रकाश पांडेय द्वारा छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। साथ ही यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर फर्म संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान तहसीलदार धमतरी कुसुम प्रधान, खाद्य निरीक्षक नीलेश चंद्राकर, मंडी निरीक्षक एवं जिला प्रबंधक अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध धान भंडारण, परिवहन और शासन के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।