स्कूल से कलेक्ट्रेट तक छात्राओं का पैदल मार्च, बिजली और शिक्षकों की कमी को लेकर जताई नाराजगी

सरगुजा के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की 45 छात्राएं हॉस्टल की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान होकर करीब 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के लिए पैदल निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर चलने के बाद प्रशासन को इसकी जानकारी मिली। छात्राओं ने हॉस्टल में बिजली, मेस की साफ-सफाई और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से शिकायत की। कलेक्टर ने तत्काल समाधान के निर्देश दिए हैं।

Sep 8, 2026 - 12:11
 0  3
स्कूल से कलेक्ट्रेट तक छात्राओं का पैदल मार्च, बिजली और शिक्षकों की कमी को लेकर जताई नाराजगी

UNITED NEWS OF ASIA. अंबिकापुर। सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं से नाराज 45 छात्राओं ने सोमवार को प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए पैदल मार्च शुरू कर दिया। छात्राएं स्कूल से करीब 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्ट्रेट जाने के लिए पैदल ही निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर तक छात्राओं के पैदल चलने के बाद इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को हुई, जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बस भेजकर छात्राओं को कलेक्ट्रेट लाया गया।

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद छात्राओं ने कलेक्टर अजीत वसंत से सीधे मुलाकात करने की मांग की। इसी दौरान थकान और तनाव के चलते एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई। छात्रा को तत्काल एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार कराया गया।

छात्राओं ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर शिकायतें प्रशासन के सामने रखीं। उनका आरोप है कि हॉस्टल में पिछले तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। बिजली नहीं होने से छात्राओं को पढ़ाई सहित रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मेस में साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं होने की शिकायत छात्राओं ने की।

पढ़ाई को लेकर भी छात्राओं ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि फिजिक्स और केमिस्ट्री की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग रही हैं। छात्राओं के मुताबिक, उन्होंने पहले भी प्राचार्य और विद्यालय प्रबंधन के सामने अपनी समस्याएं रखी थीं, लेकिन समय पर समाधान नहीं होने के कारण उन्हें प्रशासन तक पहुंचने का फैसला लेना पड़ा।

छात्राओं के पैदल मार्च की सूचना मिलने के बाद आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला बैलकोटा पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने और उनकी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया। कुछ शिक्षकों ने भी छात्राओं को वापस लौटने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्राएं किसी अन्य अधिकारी से बातचीत के बजाय कलेक्टर से ही मिलने की मांग पर अड़ी रहीं।

इस दौरान शिक्षकों की ओर से छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही गई। हालांकि, छात्राओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी के दबाव में नहीं, बल्कि हॉस्टल और पढ़ाई से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रशासन के पास पहुंची हैं।

कलेक्टोरेट में छात्राओं से बातचीत के बाद उन्हें बस के जरिए वापस हॉस्टल भेज दिया गया। कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने और मेस की साफ-सफाई में सुधार के निर्देश भी दिए गए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि छात्राओं की बिजली, शिक्षकों की कमी और मेस की साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाएगा। प्रशासन के इन निर्देशों के बाद छात्राओं ने राहत की उम्मीद जताई है।