HR पॉलिसी लागू नहीं हुई तो 2 जुलाई से हड़ताल पर जाएंगे मनरेगा कर्मचारी

छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि 1 जुलाई 2026 तक सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित HR पॉलिसी लागू नहीं की गई तो प्रदेश के लगभग 12 हजार मनरेगा और VB-G-RAM-G योजना कर्मचारी 2 जुलाई से चरणबद्ध हड़ताल पर जाएंगे। यह निर्णय महासंघ की प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक में लिया गया।

Jun 22, 2026 - 10:51
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HR पॉलिसी लागू नहीं हुई तो 2 जुलाई से हड़ताल पर जाएंगे मनरेगा कर्मचारी

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 1 जुलाई 2026 तक मनरेगा एवं प्रस्तावित VB-G-RAM-G योजना के कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन (HR) पॉलिसी लागू नहीं की गई, तो 2 जुलाई से प्रदेशभर में चरणबद्ध हड़ताल शुरू की जाएगी।

रविवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रांतीय टीम, संभागीय अध्यक्ष, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

महासंघ का कहना है कि प्रदेश में मनरेगा के तहत कार्यरत कर्मचारी पिछले लगभग 20 वर्षों से ग्रामीण विकास और रोजगार गारंटी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक स्थायी सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी हितों से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।

महासंघ अध्यक्ष अजय क्षत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद कर्मचारियों की सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा नीति तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को किसी ठोस परिणाम का इंतजार है। उन्होंने कहा कि लगातार मांगों के बावजूद HR पॉलिसी लागू नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

महासंघ की प्रमुख मांगों में 62 वर्ष की आयु तक अथवा योजना अवधि तक सेवा सुरक्षा, निलंबन संबंधी स्पष्ट प्रावधान, अनुकंपा नियुक्ति, स्थानांतरण नीति, सेवा पुस्तिका संधारण, वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुविधा तथा अन्य कर्मचारी हितैषी प्रावधान शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन सुविधाओं के अभाव में उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2 जुलाई को जनपद स्तर पर, 3 जुलाई को जिला स्तर पर तथा 4 जुलाई को राज्य स्तर पर हड़ताल, रैली और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही 22 जून से मंत्रियों, विधायकों और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का अभियान भी शुरू किया जाएगा।

महासंघ ने सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। संगठन का मानना है कि यदि समय रहते HR पॉलिसी लागू नहीं की गई तो नई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी असर पड़ सकता है।

अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि 1 जुलाई तक उनकी सेवा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है। ऐसे में आगामी दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।