अंगारी में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सरपंच पति के घर से 9 लाख की सागौन लकड़ी जब्त
बालोद जिले के ग्राम अंगारी में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरपंच पति के घर से करीब 9 लाख रुपये की अवैध सागौन लकड़ी, तैयार फर्नीचर, लकड़ी काटने के उपकरण और एक पिकअप वाहन जब्त किया। मामले में आरोपी की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले के ग्राम अंगारी में वन विभाग ने अवैध सागौन लकड़ी के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9 लाख रुपये मूल्य की सागौन लकड़ी, तैयार फर्नीचर, फर्नीचर निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण और एक पिकअप वाहन जब्त किया है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत अंगारी की सरपंच ममता डड़सेना के पति अश्वनी डड़सेना के घर पर की गई। वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार को लेकर हलचल तेज हो गई है।
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अंगारी में बड़े पैमाने पर अवैध सागौन लकड़ी का भंडारण और फर्नीचर निर्माण का कार्य किया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह छापेमार कार्रवाई की। तलाशी के दौरान घर और परिसर से 29 नग सागौन के लट्ठे, 16 नग सागौन की डेंगरी, बड़ी मात्रा में चिरान लकड़ी, तैयार फर्नीचर तथा लकड़ी काटने और फर्नीचर निर्माण में उपयोग होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा सागौन लकड़ी से भरा एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने गांव के एक अन्य व्यक्ति के खेत में छिपाकर रखी गई सागौन लकड़ी भी बरामद की। विभाग के अनुसार जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 9 लाख रुपये है। बरामद सामान की मात्रा और स्वरूप को देखते हुए प्रथम दृष्टया यह मामला लंबे समय से संचालित कथित अवैध लकड़ी कारोबार की ओर संकेत करता है।
वन विभाग की कार्रवाई के दौरान अश्वनी डड़सेना घर से निकल गए और इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। विभाग ने उनकी तलाश शुरू कर दी है तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग से भी सहयोग मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के दौरान वन विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि जब्त सागौन लकड़ी कहां से लाई गई, इसकी कटाई किस स्थान पर हुई, परिवहन किस माध्यम से किया गया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लकड़ी के परिवहन और उपयोग के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं।
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ग्राम अंगारी में बड़ी मात्रा में सागौन लकड़ी और फर्नीचर से संबंधित सामग्री जब्त की गई है। आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने लाई जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध वन संपदा के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।