दिल्ली SIR में जयशंकर, संधू और आडवाणी समेत कई प्रमुख नामों को नोटिस

दिल्ली में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, चुनाव आयुक्त एसएस संधू, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और अन्य प्रमुख मतदाताओं के नाम नोटिस सूची में सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक नोटिस नामों के पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने या विवरण में विसंगति से जुड़े हैं। नोटिस मिलना अपने आप में मतदाता सूची से नाम हटने का अंतिम फैसला नहीं है।

Sep 20, 2026 - 18:31
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दिल्ली SIR में जयशंकर, संधू और आडवाणी समेत कई प्रमुख नामों को नोटिस

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के दौरान कई प्रमुख नेताओं और अधिकारियों के नाम मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी विसंगतियों के कारण नोटिस सूची में सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर, मुख्य चुनाव आयुक्त एसएस संधू और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत कई प्रमुख नामों को नोटिस जारी किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इन मामलों में पुराने मतदाता रिकॉर्ड से नाम का मिलान नहीं होना, नाम की वर्तनी में अंतर या अन्य विवरणों में विसंगति जैसे कारण बताए गए हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयुक्त एसएस संधू के मामले में मतदाता रिकॉर्ड में नाम की वर्तनी को लेकर अंतर सामने आने की बात कही गई है। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर का नाम भी उन प्रमुख मतदाताओं में शामिल है, जिनके रिकॉर्ड को SIR के दौरान सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया है। पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का नाम भी नोटिस सूची में बताया गया है। कुछ रिपोर्टों में उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी और परिवार के अन्य सदस्यों के रिकॉर्ड से जुड़ी विसंगतियों का भी उल्लेख किया गया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और विदेश सचिव विक्रम मिसरी समेत अन्य नामों के भी SIR से जुड़े नोटिस में शामिल होने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में प्रत्येक व्यक्ति के नोटिस का कारण अलग-अलग बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुछ मामलों में पुराने SIR रिकॉर्ड से मौजूदा मतदाता विवरण का मिलान नहीं हुआ, जबकि कुछ मामलों में नाम या अन्य विवरणों में अंतर दर्ज किया गया है।

SIR के तहत नोटिस जारी किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति की मतदाता पात्रता समाप्त हो गई है या उसका नाम अंतिम रूप से मतदाता सूची से हटा दिया गया है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार ऐसे नोटिस उन मतदाताओं को जारी किए जा रहे हैं, जिनके मौजूदा रिकॉर्ड को पिछली SIR मतदाता सूची से जोड़ने में कठिनाई हुई है या जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां मिली हैं। संबंधित मतदाताओं को जवाब और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जा रहा है।

दिल्ली में SIR प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की गई है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार करीब 33.1 लाख मतदाताओं को ‘No Mapping’ या ‘Logical Discrepancies’ जैसी श्रेणियों के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं को अपनी जानकारी और पात्रता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

इसी प्रक्रिया के तहत दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों को भी ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक इसका मतलब मौजूदा मतदाता विवरण का पिछली SIR सूची से लिंक नहीं हो पाना है। नोटिस के बाद संबंधित मतदाता दस्तावेज और स्पष्टीकरण देकर रिकॉर्ड का सत्यापन करा सकते हैं।

दिल्ली SIR को लेकर पारदर्शिता और नोटिस के आधार की जानकारी सार्वजनिक करने से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा है। अदालत 22 सितंबर को इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करने वाली है। वहीं मौजूदा प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा 30 सितंबर तक बताई गई है और नोटिसों के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी करने का कार्यक्रम दिया गया है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होने का कार्यक्रम है।