तर्रा में महिला की संदिग्ध मौत, चार दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

गरियाबंद जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र के तर्रा गांव में 34 वर्षीय बबीता नवरंगे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मायके पक्ष की शिकायत पर चार दिन बाद शव को कब्र से बाहर निकाला गया। तहसीलदार की निगरानी में पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद स्पष्ट होगी।

Sep 20, 2026 - 18:21
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तर्रा में महिला की संदिग्ध मौत, चार दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l जिले के पाण्डुका थाना क्षेत्र के ग्राम तर्रा में 34 वर्षीय महिला बबीता नवरंगे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब जांच के घेरे में है। अंतिम संस्कार के बाद मायके पक्ष ने महिला की मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए पुलिस से शिकायत की। इसके बाद करीब चार दिन बाद महिला का दफन शव कब्र से बाहर निकाला गया। तहसीलदार की निगरानी में पुलिस और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मौत की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक बबीता नवरंगे की मौत 16 और 17 सितंबर की दरमियानी रात हुई थी। मृतका का मायका महासमुंद जिले के मचेवा में बताया गया है, जबकि उसका ससुराल गरियाबंद जिले के तर्रा गांव में है। परिजनों के अनुसार 16 सितंबर को बबीता के भाई प्रदीप बंजारे ने उसे उसके ससुराल में छोड़ा था। इसके कुछ घंटे बाद रात करीब 2 बजे परिजनों को फोन के माध्यम से उसकी मौत की जानकारी मिली। अचानक मौत की सूचना मिलने और परिस्थितियों को लेकर मायके पक्ष ने संदेह जताते हुए पुलिस से मामले की जांच की मांग की।

मायके पक्ष ने महिला की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है। परिजनों के अनुसार बबीता को शाम के समय ही उसके भाई ने घर छोड़ा था और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की सूचना मिली। परिजनों ने पुलिस के समक्ष अपनी आशंकाएं रखते हुए जांच की मांग की। उनके अनुसार महिला के मुंह से खून निकलने और कपड़ों पर मल लगे होने की बात भी सामने आई थी। हालांकि इन परिस्थितियों का वास्तविक कारण क्या था, इसे लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बताया गया है कि बबीता नवरंगे की शादी करीब नौ साल पहले मनोज नवरंगे से हुई थी। दंपती की सात वर्षीय बेटी भी है। महिला की मौत के बाद मायके पक्ष ने घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। वहीं, वर्ष 2019 में बबीता के पति मनोज नवरंगे के खिलाफ पाण्डुका थाने में मारपीट से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी भी मायके पक्ष की ओर से दी गई है। इस पुराने मामले का वर्तमान मौत की घटना से कोई संबंध है या नहीं, यह पुलिस जांच का विषय है।

मामले में शव को अंतिम संस्कार के बाद दोबारा कब्र से बाहर निकाला जाना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तहसीलदार की निगरानी में फॉरेंसिक टीम और पुलिस की मौजूदगी में शव निकाला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है। जांच एजेंसियां मौत से जुड़े परिस्थितिजन्य तथ्यों, परिजनों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेंगी।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मायके पक्ष की ओर से लगाए गए हत्या के संदेह की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बबीता नवरंगे की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।