रायपुर में आरक्षण बचाओ रैली, 19 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन

रायपुर में एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के लोगों ने आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर आरक्षण बचाओ रैली निकाली। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए सरकार के नाम 19 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। आयोजकों ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी।

Sep 20, 2026 - 19:04
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रायपुर में आरक्षण बचाओ रैली, 19 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में 20 सितंबर को एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों से जुड़े लोगों ने आरक्षण बचाओ रैली निकालकर आरक्षण और सामाजिक न्याय से संबंधित मुद्दों को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। रैली में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान आरक्षण से जुड़े अधिकारों और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 20 सितंबर को रायपुर में संवैधानिक आरक्षण बचाओ रैली का आह्वान किया गया था, जिसमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के अधिकार, प्रतिनिधित्व, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषय उठाए जाने थे।

रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुल 19 मांगों को शामिल किए जाने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। आयोजकों की ओर से पहले जारी जानकारी में भी रैली का उद्देश्य आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों को सरकार तथा प्रशासन के सामने रखना बताया गया था।

रैली में शामिल प्रतिनिधियों का कहना है कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से जुड़े अधिकारों तथा आरक्षण व्यवस्था से संबंधित कई विषयों को लेकर लंबे समय से मांगें उठाई जाती रही हैं। इसी क्रम में राजधानी रायपुर में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण केवल रोजगार से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रतिनिधित्व और सामाजिक अवसरों से जुड़े मुद्दों से भी इसका संबंध है।

आयोजकों की ओर से रैली से पहले जारी जानकारी में पदोन्नति में आरक्षण, आरक्षण रोस्टर के पालन और लंबित बैकलॉग पदों को भरने जैसे विषयों को भी प्रमुख मांगों में शामिल बताया गया था। इसके अलावा आउटसोर्सिंग, संविदा और प्लेसमेंट के माध्यम से होने वाली भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था प्रभावित नहीं होने देने की मांग भी रखी गई थी। हालांकि रैली के दौरान सौंपे गए 19 सूत्रीय ज्ञापन की प्रत्येक मांग का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराई गई जानकारी में नहीं दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान रैली शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई है और सरकार को 19 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंप दिया गया है। उनका कहना है कि इन मांगों पर समय रहते सकारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। उन्होंने इसके लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।

रैली में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों से पहुंचे एससी, एसटी एवं ओबीसी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। आयोजकों ने आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर आगे भी अपनी गतिविधियां जारी रखने की बात कही है। फिलहाल सरकार की ओर से 19 सूत्रीय ज्ञापन पर क्या कार्रवाई की जाती है, इसे लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है। रैली के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रख दी हैं और अब उनकी नजर आगामी कार्रवाई पर है।