महासमुंद में गांजा तस्करी पर पुलिस का एक्शन, 28.465 किलो गांजा बरामद
महासमुंद जिले के बसना में ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने गांजा तस्करी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार संदिग्ध कार की तलाशी के दौरान 28.465 किलो गांजा बरामद हुआ। आरोपियों पर NDPS एक्ट और BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत बसना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम को गांजा तस्करी के मामले में कार्रवाई की सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने की कोशिश की गई, जिसके बाद चालक ने पुलिस की नाकाबंदी देखकर वाहन को वापस मोड़कर तेज गति से भगाने का प्रयास किया। पुलिस और ANTF की टीम ने पीछा करते हुए कार को ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले मार्ग पर रोक लिया।
पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से काले रंग की एक वैगनआर कार क्रमांक MP 18 ZH 8555 बसना की ओर आ रही है। सूचना मिलने के बाद बसना थाना और ANTF की संयुक्त टीम ने बसना थाना के सामने सड़क पर नाकाबंदी कर निगरानी शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध कार सामने से आती दिखाई दी। पुलिस की नाकाबंदी देखकर चालक ने अचानक वाहन को वापस मोड़ा और तेज गति से भागने लगा। इसके बाद टीम ने कार का पीछा किया।
पुलिस के अनुसार भागते हुए संदिग्ध कार चालक ने ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले रास्ते पर वाहन रोक दिया। पुलिस का आरोप है कि कार में मौजूद लोगों ने पकड़े जाने और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से गांजे से भरी बोरियों में आग लगा दी और कार को लॉक कर मौके से भागने का प्रयास किया। पीछा कर रही पुलिस और ANTF की टीम ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे दो लोगों को पकड़ लिया। वहीं एक अन्य आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक कार के भीतर आग लगने के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों की मदद से वाहन का सामने का शीशा तोड़ा गया और अंदर जल रही आग को बुझाया गया। इसके बाद कार की डिक्की की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान तीन अधजली प्लास्टिक बोरियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार इन बोरियों में कुल 28.465 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। बरामद गांजे को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने बताया कि गांजा ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से खरीदा गया था और उसे अपने साथी शिवा सिंह के साथ शहडोल, मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि रास्ते में नाकाबंदी देखकर आरोपियों ने वाहन वापस मोड़कर भागने का प्रयास किया और पकड़े जाने के डर से गांजे से भरी बोरियों में आग लगा दी।
मामले में पुलिस ने दोनों पकड़े गए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (NDPS) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। फरार आरोपी की तलाश और मामले की आगे की जांच जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक ने कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। पुलिस टीम अब जब्त गांजे के स्रोत, तस्करी के नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।