महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : अरुण साव

लोरमी में आयोजित वीर महाराणा प्रताप जयंती समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महाराणा प्रताप के जीवन को साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक मिसाल बताया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा स्थापना के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया।

Jun 18, 2026 - 11:36
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महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : अरुण साव

UNITED NEWS OF ASIA. लोरमी l लोरमी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर लोरमी में सर्वोदय राजपूत राठौर क्षत्रिय समाज द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की ऐसी मिसाल है, जो सदियों बाद भी देशवासियों को प्रेरित कर रही है।

अरुण साव ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान और राष्ट्रधर्म से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने विदेशी सत्ता के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का मार्ग चुना और हल्दीघाटी के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ने लोरमी में महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा स्थापना के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करना और उनकी प्रेरणादायक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “राष्ट्र प्रथम” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर कार्य करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

समारोह में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख प्रबल प्रताप जूदेव ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने जीवनभर धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने युवाओं से नकारात्मक सोच से दूर रहकर राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक, डॉक्टर, खेल प्रशिक्षक, खिलाड़ी, पूर्व सैनिक, समाजसेवी और गौसेवकों का सम्मान किया गया। साथ ही कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में 55 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह का मुख्य संदेश यही रहा कि महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया जाए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि महान योद्धाओं के आदर्शों को अपनाकर ही मजबूत, समृद्ध और संस्कारित समाज का निर्माण किया जा सकता है।