नए श्रम कोड के तहत केंद्रीय वेतनमान लागू करने की मांग, कर्मचारी महासंघ ने सरकार को सौंपा ज्ञापन
भिलाई/दुर्ग में स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ ने नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को नए श्रम कोड के तहत केंद्रीय वेतनमान देने की मांग की है। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितंश भुवाल, दुर्ग l छत्तीसगढ़ के भिलाई और दुर्ग में स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ ने नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। महासंघ ने नए श्रम कानूनों के तहत केंद्रीय वेतनमान लागू करने की मांग करते हुए सरकार को ज्ञापन सौंपा है।
यह ज्ञापन उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के नाम आयुक्त, नगर पालिक निगम दुर्ग के माध्यम से सौंपा गया।
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए श्रम कोड लागू किए गए हैं। इन नए श्रम कोड का उद्देश्य श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा, पारदर्शिता और एक समान कार्यप्रणाली प्रदान करना है।
हालांकि, महासंघ का कहना है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लागू वेतनमान और श्रम सुविधाएं अभी भी केंद्रीय मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इससे नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है और वे आर्थिक रूप से भी प्रभावित हो रहे हैं।
महासंघ ने अपनी मांग में स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य सरकार को जल्द से जल्द आवश्यक आदेश जारी कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नगरीय निकायों में कार्यरत सभी प्लेसमेंट कर्मचारियों को नए श्रम कोड के तहत केंद्रीय दर पर वेतन भुगतान किया जाए।
इसके साथ ही महासंघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
महासंघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेगी और जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी।
यह मुद्दा प्रदेश के हजारों प्लेसमेंट कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है, जो नगरीय निकायों में विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में इस मांग का समाधान न केवल कर्मचारियों के हित में होगा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।